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Kajri Teej 2020: अखंड सौभाग्य के लिए इस विधि से रखें कजरी तीज का व्रत

Wed, 05 Aug 2020 06:16 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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कजरी तीज 2020 - फोटो : self
Kajri Teej 2020: कजरी तीज 6 अगस्त को मनायी जाएगी। हर साल यह पर्व भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है और इस साल यह तिथि 6 अगस्त को पड़ रही है। यह त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। कजरी तीज को कजली तीज, बूढ़ी तीज व सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। 
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कजरी तीज शुभ मुहूर्त 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
कजरी तीज शुभ मुहूर्त 2020
तृतीया तिथि प्रारंभ - सुबह 10 बजकर 50 मिनट से (6 अगस्त 2020)
तृतीया तिथि समाप्त - रात 12 बजकर 14 मिनट तक (7 अगस्त 2020)
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कजरी तीज का महत्व - फोटो : amar ujala
कजरी तीज का महत्व
कजरी तीज के दिन महिलाएं नीमड़ी माता की पूजा करती हैं। यह व्रत सुहागन स्त्रियां सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं। यह व्रत निर्जला रखा जाता है। गर्भवती महिलाएं जल और फलाहार ले सकती हैं। कुवांरी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। गाय की पूजा करने के बाद गाय को आटे की सात लोईयों पर गुड़ और घी रखकर खिलाया जाता है। उसके बाद व्रत का पारण किया जाता है।

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कजरी तीज 2020 - फोटो : social media
कजरी तीज की पूजा विधि
पूजन करने के लिए मिट्टी व गोबर से दीवार के किनारे तालाब के जैसी आकृति बनाई जाती है। घी और गुड़ से पाल बांधा जाता है और उसके पास नीम की टहनी को रोपा जाता है। जो तालाब के जैसी आकृति बनाई जाती है। उसमें कच्चा दूध और जल डाला जाता है। फिर दिया प्रज्वलित किया जाता है। थाली में नींबू, ककड़ी, केला, सेब, सत्तू, रोली, मौली, अक्षत आदि पूजा सामाग्री रखी जाती है। जानते हैं पूरी पूजा विधि..

सबसे पहले पूजा की शुरूआत नीमड़ी माता को जल व रोली के छींटे देने से करें। फिर अक्षत चढ़ाएं। अनामिका उंगली से नीमड़ी माता के पीछे दीवार पर मेहंदी, रोली की 13 बिंदिया लगाएं। साथ ही  काजल की 13 बिंदी भी लगाएं, काजल की बिंदियां तर्जनी उंगली से लगाएं।  

नीमड़ी माता को मोली चढ़ाएं और उसके बाद मेहंदी, काजल और वस्त्र भी अर्पित करें। फिर उसके बाद जो भी चीजें आपने माता को अर्पित की हैं, उसका प्रतिबिंब तालाब के दूध और जल में देखें। तत्पश्चात गहनों और साड़ी के पल्ले आदि का प्रतिबिंब भी देखें। चंद्रमा को अर्ध्य देने की विधि..
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कजरी तीज 2019 - फोटो : social media
चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि
कजरी तीज पर संध्या को पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्ध्य दिया जाता है। फिर उन्हें भी रोली, अक्षत और मौली अर्पित करें। चांदी की अंगूठी और गेंहू के दानों को हाथ में लेकर चंद्रमा के अर्ध्य देते हुए अपने स्थान पर खड़े होकर परिक्रमा करें। 
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