फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gandhi Jayanti 2020: धर्म के विषय में क्या सोचते थे महात्मा गांधी, जानें उनके विचार

Fri, 02 Oct 2020 05:56 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
गांधी जयंती 2020 - फोटो : Rohit Jha
Gandhi Jayanti 2020: हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है। देश की आजादी में बापू के अभूतपूर्व योगदान को कोई नहीं भुला सकता है। वे सत्य और अहिंसा की राह पर चलने वाले महात्मा थे। देश-दुनिया में आज भी उनके विचार जीवित हैं। हिन्दू धर्म से उनका संबंध था, लेकिन सभी धर्मों का वे सम्मान करते थे। वे राम नाम का जाप करते थे। हालांकि महात्मा गांधी धर्म परिवर्तन के विरोध में थे। उन्होंने धर्म-परिवर्तन के सभी तर्कों एवं प्रयासों को अस्वीकृत किया। आइए धर्म को लेकर उनके और क्या-क्या विचार थे इस लेख के माध्यम से जानते है।
विज्ञापन

2 of 5
गांधी जयंती 2020 - फोटो : फाइल फोटो
गांधी के अनुसार कौन है सच्चा धार्मिक
महात्मा गांधी जी के अनुसार परमात्मा का कोई धर्म नहीं होता है। जो व्यक्ति दूसरो के दुख दर्द को समझता है असली धार्मिक वही है। महात्मा गांधी सर्वधर्म समभाव पर विश्वास करते थे।
विज्ञापन

3 of 5
गांधी जयंती 2020 - फोटो : Social Media
सत्य और अहिंसा पर आधारित है बापू का धर्म
धर्म के लिए लोग अपनी पूरी उम्र जीते हैं। उनका धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित था। गांधी जी के लिए सत्य ही उनका भगवान था। उनके अनुसार अहिंसा भगवान को पाने का सबसे बेहतर साधन है।

4 of 5
महात्मा गांधी जयंती 2020 - फोटो : Social Media
अपना धर्म ही परम सत्य है
धर्म जीवन की तुलना में अधिक है। अपना धर्म ही परम सत्य है। जो लोग कहते है की धर्म का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है वह यह नहीं जानते है की धर्म है क्या।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गांधी जयंती 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
बापू के अनुसार ये है सच्चा धर्म
सभी सिद्धांतों को सभी धर्मों के इस तार्किक युग में तर्क की अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा और सार्वभौमिक स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। किसी व्यक्ति का धर्म उसके और उसके बनाने वाले के बीच का मामला है और किसी का नहीं। वो धर्म नहीं है जो व्यावहारिक मामलों पर ध्यान नहीं देता और उन्हें हल करने में कोई मदद नहीं करता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें