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Shimla Snowfall: भारी बर्फबारी से सड़कें-पैदल रास्ते बंद, शनिवार को छुट्टी घोषित, कहर बनकर टूट रहे पेड़, देखें तस्वीरें

Fri, 04 Feb 2022 10:07 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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शिमला में भारी बर्फबारी। - फोटो : अमर उजाला
भारी बर्फबारी ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर में मुख्य सड़कों के अलावा नगर निगम की सभी संपर्क सड़कें भी बंद हैं। बर्फ से लकदक हुए पेड़ कहर बनकर टूट रहे हैं। शुक्रवार शाम तक 12 से ज्यादा पेड़ गिर चुके हैं। घरों, बिजली तारों और गाड़ियां पर गिरे इन पेड़ों से भारी तबाही हुई है। कई जगह अभी तक सड़कों पर पेड़ गिरे पड़े हैं। वन विभाग ने शनिवार को भी शहर में पेड़ ढहने की आशंका जताते हुए अलर्ट रहने को कहा है। जाखू, बैनमोर, चौड़ा मैदान, लक्कड़ बाजार, संजौली समेत कई इलाकों में पेड़ों पर भारी बर्फ जमी है। भारी बर्फबारी के चलते राजधानी में हालात ऐसे हैं कि अस्पतालों को जोड़ने वाली सड़कें तक बंद पड़ी हैं। शहर के जाखू, बैनमोर, लक्कड़ बाजार, आईजीएमसी, ढली, छोटा शिमला के कई क्षेत्रों में पैदल रास्तों पर बर्फ की मोटी परत जम गई है।  इन इलाकों में आवाजाही बहाल करने में दो दिन लग सकते हैं।

राजधानी में गुरुवार से बर्फबारी का दौर जारी है।  वहीं,  भारी बर्फबारी को लेकर शिमला पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है कि शहर की सभी सड़कें फिसलन के कारण बंद हैं। लोग अनावश्यक आवाजाही से बचें और अगर कहीं जाना जरूरी हो तो वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए 0177-2812344 या 112 नंबर या फिर नजदीकी पुलिस थाना में संपर्क किया जा सकता है।  भारी बर्फबारी के चलते नगर निगम शिमला परिधि में शनिवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इस बाबत देर रात अधिसूचना जारी की है। उपायुक्त आदित्य नेगी ने बताया कि शहर में भारी बर्फबारी के कारण नगर निगम क्षेत्र में शनिवार को स्थानीय अवकाश रहेगा। शहर के जाखू क्षेत्र में करीब तीन फीट बर्फबारी हई है। इसके अलावा नवबाहर में दो फीट तक बर्फबारी हुई है।  शनिवार को शहर की सड़कों से युद्धस्तर पर बर्फबारी हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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शिमला में बर्फबारी। - फोटो : संवाद
शुक्रवार सुबह नगर निगम की टीमों ने आईजीएमसी अस्पताल और कमला नेहरू अस्पताल समेत कुछेक सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था लेकिन तेज बर्फबारी के चलते इसे बीच में ही रोकना पड़ा। सिर्फ अस्पतालों को जोड़ने वाली सड़कों पर जेसीबी से बर्फ हटाई गई। संजौली -आईजीएमसी सड़क को जेसीबी से बहाल तो रखा गया है लेकिन फिसलन के चलते इस पर आवाजाही बंद है।
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मकान पर गिरा पेड़। - फोटो : अमर उजाला
पेड़ काटने की नहीं दी मंजूरी, मकान पर ढहा
नाभा में एक पेड़ रिहायशी मकानों पर ढह गया। स्थानीय पार्षद सिमी नंदा के अनुसार इस पेड़ को काटने की मांग की गई थी। ट्री कमेटी के दौरे के बावजूद अब तक इसे नहीं काटा गया। अब पेड़ ढहने से यहां तीन कमरे टूट गए हैं। हिमलैंड के पास भी एक पेड़ बिजली तारों और स्ट्रीट लाइटों को तोड़ता हुआ सड़क पर ढह गया। बालूगंज, कैथू, लालपानी, टॉलैंड, लक्कड़ बाजार, जाखू क्षेत्र में भी बर्फ के कारण पेड़ ढह गए हैं। वन विभाग डीएफओ अनिता भारद्वाज के अनुसार सूचना मिलते ही ढहे पेड़ हटाए जा रहे हैं।

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शिमला में भारी बर्फबारी। - फोटो : अमर उजाला
राजधानी में शनिवार को भी शहर के ज्यादातर इलाकों में आवाजाही ठप रहने वाली है। मौसम को देखते हुए सुबह सड़कों-रास्तों पर भारी फिसलन रह सकती है। नगर निगम ने सुबह से ही बर्फ हटाने के लिए प्लान तैयार कर लिया है। इसके अनुसार अस्पतालों से जुड़े सड़क मार्गों पर सुबह ही मशीनों के जरिये सड़कें साफ की जाएंगी।ं
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शिमला का रिज मैदान। - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद रिज मैदान, मालरोड समेत बाजारों से बर्फ हटेगी। जाखू, बैनमोर क्षेत्र में रोबोट से बर्फ हटाई जाएगी। लेकिन बर्फ ज्यादा होने के कारण काम में देरी हो सकती है। पैदल रास्तों से बर्फ हटाने के लिए दो सौ से ज्यादा मजदूर लगाए जाएंगे। नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने बताया कि शहर में शनिवार सुबह से ही बर्फ हटाने का काम शुरू हो जाएगा। शुक्रवार  को भी अस्पतालों से जोड़ने वाली सड़कों से बर्फ हटाई गई है।
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शिमला में भारी बर्फबारी। - फोटो : संवाद
राजधानी और आसपास के इलाकों में दो दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के कारण शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे शिमला का बाहरी क्षेत्रों से सड़क संपर्क कट गया। शिमला-चंडीगढ़ हाईवे संकटमोचन घोड़ा चौकी के पास, शिमला-मंडी हाईवे हीरानगर ढैंढा के पास और शिमला-रामपुर हाईवे ढली के पास बंद हो गया। शुक्रवार को शिमला में लोकल रूटों पर भी बस सेवा पूरी तरह ठप रही। ंओल्ड बस स्टैंड से आईएसबीटी रूट शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे टूटीकंडी क्रॉसिंग के पास एचआरटीसी डीजल पंप के नजदीक फिसलन के कारण बंद हो गया।
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बर्फबारी में फंसे वाहन। - फोटो : संवाद
इसके बाद आईएसबीटी से बाहरी क्षेत्रों के लिए बस सेवा पूरी तरह बंद हो गई। संकटमोचन  और घोड़ा चौकी के पास जाम लगने से वाहनों की कतारें तारादेवी से टूटीकंडी क्रॉसिंग तक लग गईं। हीरानगर ढैंढा से ट्रैफिक जाम चक्कर बालूगंज होते हुए टूटीकंडी क्रॉसिंग तक लग गया। ढली से मशोबरा और कुफरी सड़क भी ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद हो गई। राजधानी शिमला के लोकल रूटों पर भी बस सेवा नहीं चल पाई। देर शाम तक सर्कुलर रोड तक बहाल नहीं हो पाया। सोलन की ओर से आ रही बसें तारादेवी से वापस लौट गईं, जबकि बिलासपुर की ओर से आ रही बसें हीरानगर से लौट गईं। लोगों को बर्फबारी के बीच आठ से दस किलोमीटर पैदल चलकर शिमला पहुंचना पड़ा। 

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शिमला में भारी बर्फबारी। - फोटो : PTI
सुबह नौ बजे के बाद बस सेवा बंद : पवन
एचआरटीसी शिमला डिवीजन के कार्यकारी मंडलीय प्रबंधक पवन शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे के बाद बाहरी क्षेत्रों के लिए बस सेवा ठप हो गई। टूटीकंडी क्रॉसिंग के पास एचआरटीसी के डीजल पंप के नजदीक फिसलन के कारण बसें आगे नहीं जा पाईं। शनिवार को सड़कों की स्थिति पर ही बसों का संचालन निर्भर करेगा।

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बर्फ से ढकीं बसें। - फोटो : अमर उजाला
 शहर में यातायात पूरी तरह से ठप है। सुबह के समय नौकरीपेशा लोग पैदल ही काम पर जाते नजर आए। शहर से बाहर से आने वाले कई कर्मचारी तो दफ्तर पहुंच ही नहीं पाए। शहर में सभी सरकारी कार्यालयों में कम ही कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे। सुबह कूड़ा उठाने का काम भी ठप रहा। आज भी शहर में बर्फबारी के चलते कूड़ा उठना मुश्किल है। शाम को भी लोग पैदल ही दफ्तर से घर जाने को मजबूर हुए। पेड़ ढहने के कारण स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलीं।
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बर्फ के फंसे पर्यटक वाहन। - फोटो : संवाद
आधे रास्ते में ही खड़ी हो गईं बसें, ठिठुरे यात्री
शुक्रवार सुबह ग्रामीण इलाकों से कुछेक बसें शिमला के लिए रवाना हुई थीं, लेकिन बर्फबारी के चलते आधे रास्ते में ही फंस गई। चालकों ने सड़क पर फिसलन को देखते हुए बसें खड़ी कर दीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रा बस में ठिठुरते रहे। ज्यादातर निजी बस ऑपरेटरों ने तो शुक्रवार को बसें चलाई ही नहीं।
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