लाहौल की स्की ढलानें ओलंपियन खिलाड़ियों को खूब रास आई हैं। सेना टीम के कोच सूबेदार नदीम इकबाल ने कहा कि किसी भी खेल में निखार लाने के लिए खेल मैदान बेहतर के साथ पर्याप्त संसाधन की जरूरत होती है। लाहौल में स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग के लिए स्की ढलानें काफी बेहतरीन हैं। यहां बर्फ भी लंबे समय तक टिकी रहती है। इन ढलानों को निखारा जाए तो लाहौल घाटी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।
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लाहौल-स्पीति के बच्चों में अभी से इस तरह के शीतकालीन खेलों के प्रति रुचि लाई जाए तो वह दिन दूर नहीं, जब यहां के बच्चे विदेशों में भी लोहा मनवाएंगे। लाहौल घाटी के सिस्सू में आयोजित तीन दिवसीय स्कीइंग एवं स्नोबोर्डिंग चैंपियनशिप में चार ओलंपियन खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
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इनमें तीन कोच की भूमिका निभा रहे हैं तो एक चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं। चैंपियनशिप में हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, सेना, लद्दाख, उत्तर प्रदेश, आईटीबीपी और हरियाणा राज्य के टीमें दमखम दिखा रही हैं।
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बाहरी राज्यों से आए प्रतिभागियों का भी यही कहना है कि यहां का वातावरण विंटर गेम्स के लिए बेहद अनुकूल है। यहां की ढलानों को विकसित किया जाए तो आने वाले समय में लाहौल घाटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की विंटर खेलें हो सकती हैं।
देश-दुनिया में यहां के युवा वर्ग का दबदबा होगा। सेना टीम के कोच सूबेदार नदीम इकबाल ने कहा अटल टनल रोहतांग बनने के बाद लाहौल में पहली बार इस तरह के प्रतियोगिता का आयोजन हुआ है। इसे और भी बेहतर करने के लिए प्रशासन और सरकार को कदम उठाना होगा।