फैसला आने पर युग की मां पिंकी, पिता विनोद और दादी चंद्रलेखा की आंखों से आंसू छलक पड़े। लंबे इंतजार के बाद इनके कलेजे को ठंडक पहुंची। युग की मां पिंकी ने कहा कि आज मेरे मासूम बच्चे की आत्मा को शांति मिलेगी, जो चार सालों से भटक रही थी। उसके हत्यारों को उनके किए की सजा मिली है। दादी चंद्रलेखा फैसला आने के बाद कुछ कह ही नहीं पा रही थीं। पिता विनोद गुप्ता ने कहा कि आज युग को न्याय मिला है, पिछले चार सालों से लगातार उसे न्याय दिलवाने के लिए वह संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अदालत और न्यायिक व्यवस्था पर उनका भरोसा और बढ़ गया है। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।