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अलविदा: घर-घर लैंडलाइन पहुंचाने और मोबाइल पर पहली कॉल रिसीव करने वाले मंत्री बने थे स़ुखराम

Thu, 12 May 2022 11:10 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, शिमला/मंडी

सार

देश में पहले मोबाइल फोन पर पहली ‘हेलो’ दिवंगत पंडित सुखराम ने की थी। पंडित सुखराम ने न केवल देश भर में लैंडलाइन फोन को गांव-गांव पहुंचाकर संचार क्रांति लाई, बल्कि देश की पहली मोबाइल कॉल भी उन्होंने सुनी थी। 
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तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के साथ सुखराम(फाइल) - फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश में घर-घर लैंडलाइन फोन पहुंचाने का श्रेय दिवंगत पंडित सुखराम को ही जाता है। केंद्र में मंत्री रहते हुए पंडित सुखराम ने हिमाचल में भी दूरसंचार क्रांति ला दी थी। सुखराम ने हिमाचल के दुर्गम लाहौल-स्पीति जैसे जिले में भी फोन की घंटी बजाई थी। इसके अलावा देश में पहले मोबाइल फोन पर पहली ‘हेलो’ दिवंगत पंडित सुखराम ने की थी। पंडित सुखराम ने न केवल देश भर में लैंडलाइन फोन को गांव-गांव पहुंचाकर संचार क्रांति लाई, बल्कि देश की पहली मोबाइल कॉल भी उन्होंने सुनी थी।

मोबाइल फोन पर 27 साल पहले पहली बार जिन दो नेताओं में बात हुई थी, वे पंडित सुख राम और पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु थे। यह मोबाइल कॉल मोदी टेलस्ट्रा मोबाइलनेट सर्विस के माध्यम से की गई थी। उस पहली कॉल के लिए 16 रुपये का शुल्क देना पड़ा था। पंडित सुखराम 1993 से लेकर 1996 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की सरकार में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे।
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ। - फोटो : संवाद
उन्हें भारत की संचार क्रांति के लिए जाना जाता है। उन्होंने इससे पहले ही हिमाचल में भी संचार क्रांति लाई और यहां दुर्गम क्षेत्रों भी टेलीफोन पहुंचाए। नब्बे के दशक में ही हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में लैंडलाइन टेलीफोन लगा दिए गए थे। 
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पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, सुखराम व अन्य। - फोटो : संवाद
पंडित सुखराम की सोच हमेशा विकासात्मक रही। विधानसभा और लोकसभा में जो भी मंत्रालय उनके पास रहा उसमें उन्होंने रोजगार सृजन किया। जब वे प्रदेश के पशुपालन मंत्री थे, तो गांव-गांव में मिल्क चिलिंग सेंटर खोले गए।

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- फोटो : संवाद
इसके अलावा बतौर केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रहते हुए मंडी में भारतीय खाद्य निगम का भंडार मंडी लाए। रक्षा राज्य मंत्री रहते हुए मंडी और हमीरपुर में सेना भर्ती कार्यालय खुलवाए।
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- फोटो : संवाद
भाजपा-हिविकां गठबंधन सरकार के दौरान जब मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा तो रोजगार संसाधन सृजन के अध्यक्ष के रूप में युवाओं के लिए स्वरोजगार की योजना का खाका तैयार किया।
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