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New Year 2024: शुद्ध आबोहवा, प्राकृतिक नजारों के बीच इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों में मनाएं नए साल का जश्न

Sat, 23 Dec 2023 12:09 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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पर्यटन स्थल सिस्सू झील - फोटो : संवाद
नववर्ष के जश्न के लिए हिमाचल प्रदेश तैयार है। वहीं, नए साल पर यदि बर्फबारी होती है तो जश्न दोगुना हो जाएगा। नए साल के इस्तकबाल के लिए सैलानियों के मनोरंजन के लिए यहां खास बंदोबस्त किए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों तथा निजी होटलों में 31 दिसंबर की रात स्पेशल न्यू ईयर पार्टी का आयोजन होता है। क्रिसमस और न्यू इयर के मौके पर सैलानी और स्थानीय लोग एचपीटीडीसी के होटलों में लाइव म्यूजिक के साथ डाइन एंड डांस का लुत्फ उठा सकेंगे। निगम के होटलों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। गाला नाइट्स में कपल और बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिताएं, मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी। मनाली क्वीन, भागसू क्वीन के अलावा होटल स्तर पर बेस्ट डांसिंग कपल का चयन कर आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।

सैलानियों को हिमाचली, भारतीय और विदेशी व्यंजन परोसे जाएंगे। क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए द पैलेस चायल, हॉली डे होम, होटल पाइनवुड बडोग, मनाली कॉम्प्लेक्स, धर्मशाला कॉम्प्लेक्स, होटल टी बड पालमपुर, होटल मणिमहेश डलहोजी और न्यू रोस कॉमन कसौली में खास बंदोबस्त किए गए हैं। न्यू ईयर पर हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर नवविवाहित जोड़ों की खूब रौनक रहेगी। हिमाचल के पर्यटन स्थलों में हो रही एडवांस बुकिंग में 50 फीसदी कमरे हनीमून कपल बुक करवा रहे हैं। होटल संचालकों और ट्रैवल एजेंसियों ने भी हनीमून कपल के लिए आकर्षक पैकेज जारी किए हैं। नवंबर में देश भर में 6 लाख से अधिक शादियां हुई हैं। हनीमून के लिए नवविवाहित जोड़ों की पहली पसंद शिमला और मनाली रहते हैं।

हनीमून कपल के लिए होटल में ठहराव, खाने-पीने, घूमने और ट्रांसपोर्टेशन के लिए शिमला पैकेज, मनाली पैकेज और कोम्बो पैकेज जारी किए हैं। पैकेज में दिल्ली, चंडीगढ़ और कालका से वोल्वो में कपल शिमला और मनाली पहुंचेंगे। बस स्टैंड पर टैक्सी लेने आएगी और होटल छोड़ेगी। ब्रेकफॉस्ट, लंच और डिनर के अलावा लोकल साइट सीन और टूअर खत्म होने के बाद वोल्वो में वापसी की सुविधा दी जा रही है। होटलों की ओर से एक्स्ट्रा सर्विस के तौर पर हनीमून कपल को रूम फ्लावर डेकोरेशन, स्पेशल हनीमून केक, रेड वाइन ऑफर की जा रही है। फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल एंड रेस्टोरेंट्स के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर का कहना है कि  हनीमून कपल को हिमाचल के प्रति आकर्षित करने के लिए खास पैकेज जारी किए हैं। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव मनु सूद ने बताया कि नवंबर में देशभर में करीब 6 लाख शादियां हुई हैं। क्रिसमस और नया साल मनाने के लिए बड़ी संख्या में हनीमून कपल होटलों में बुकिंग करवा रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी इस न्यू ईयर जश्न मनाना चाहते हैं, तो शुद्ध आबोहवा और प्राकृतिक नजारों से भरपूर हिमाचल की वादियां बेहतर विकल्प हो साबित हो सकती हैं।  

पहले छह माह में पहुंचे 1.06 करोड़ सैलानी
साल 2023 के पहले छह माह में रिकॉर्ड 1.06 करोड़ सैलानियों ने हिमाचल की वादियां निहारीं। प्रदेश में पहली बार जून तक ही सैलानियों की संख्या एक करोड़ पार हो गई थी। साल 2022 के दौरान हिमाचल में आने वाले सैलानियों की कुल संख्या 1.50 करोड़ थी। इस साल पहले छह माह के दौरान ही सैलानियों की संख्या एक करोड़ का आंकड़ा पार किया। पूरे साल का आंकड़ा आना बाकि है। आइए जानते हैं हिमाचल के उन पर्यटन स्थलों को, जहां नववर्ष का जश्न मना सकते हैं....
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शिमला शहर। - फोटो : अमर उजाला
ऐतिहासिक शहर शिमला
ब्रिटिशकाल में देश की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही हिल्सक्वीन के नाम से मशहूर शिमला की खूबसूरत वादियां देसी के साथ विदेशी पर्यटकों की भी प्रमुख सैरगाह है।  शिमला में ऐतिहासिक मालरोड, रिज, क्राइस्ट चर्च, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान(एडवांस्ड स्टडी), गेयटी थियेटर, राज्य संग्रहालय के अलावा कई ऐतिहासिक इमारतें व दर्शनीय स्थल हैं। वहीं, प्रसिद्ध जाखू हनुमान मंदिर, तारादेवी मंदिर, संकटमोचन मंदिर के अलावा कालीबाड़ी मंदिर शिमला के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। जाखू मंदिर के लिए रोपवे या सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। नए साल के जश्न के लिए शिमला में भी खास इंतजात रहते हैं। इस बार विंटर कार्निवल का भी आयोजन होगा। 
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कुफरी - फोटो : अमर उजाला
पर्यटन स्थल कुफरी
वहीं, शिमला से करीब 15 किलोमीटर दूर कुफरी पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाहों में से एक है। प्राकृतिक नजारों से भरपूर कुफरी में घुड़सवारी, रोप क्लाइबिंग, जिप लाइन का लुत्फ उठाने के अलावा सेब के बगीचे भी निहार सकते हैं। इसके अलावा कुफरी चिड़ियाघर में कई तरह के वन्य जीव आकर्षण का केंद्र रहते हैं। सोलन जिले के चायल, बड़ोग और कसौली में घूम सकते हैं। चंड़ीगढ़ से सीधी बस सेवा या विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला ट्रैक पर रेल के जरिये शिमला पहुंचा जा सकता है। वहीं, दिल्ली से एचआरटीसी व पर्यटन निगम की सीधी बस सेवा की भी सुविधा है। इसके अलावा जुब्बड़हट्टी तक हवाई मार्ग से भी सफर किया जा सकता है। 

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मनाली शहर। - फोटो : संवाद
कुल्लू-मनाली
हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में घूमने के लिए कई मनोरम स्थल है। मनाली, रोहतांग पास, सोलंगनाला, रोहतांग टनल, वशिष्ठ, हिडिंबा मंदिर, मनाली गांव, नग्गर, जलोड़ी दर्रा, पार्वती घाटी, मणिकर्ण, तीर्थन, बंजार और जिभी आदि स्थल पर्यटकों से भरे रहते हैं। देवदार से घने जंगल व बर्फ से लकदक वादियां सैलानियों को यहां आने पर मजबूर करती हैं। यहां  पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग आदि का भी आनंद उठा सकते हैं। कसोल को मिनी इजराइल भी कहा जाता है। 
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अटल टनल रोहतांग - फोटो : अमर उजाला
अटल टनल रोहतांग, सिस्सू 
वहीं, 10040 फीट की ऊंचाई पर स्थित विश्व में सबसे लंबी अटल टनल रोहतांग पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाहों में शामिल है।  9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग किसी अजूबे से कम नहीं है। यह टनल अपनी विशेषताओं के लिए खास है।  अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के सिस्सू तक कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। बर्फ से लदी खूबसूरत वादियां नया साल मनाने के लिए एक उपयुक्त जगह हो सकती है। अटल टनल का नॉर्थ पोर्टल सहित लाहौल का सिस्सू इन दिनों बर्फ से लकदक है। कुल्लू- मनाली के लिए सड़क या हवाई मार्ग से पहुंचा जा सकता है।
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डलहौजी - फोटो : istock
डलहौजी और खज्जियार
चंबा जिले के डलहौजी और खज्जियार में भी बड़ी संख्या में हर साल सैलानी पहुंचते हैं। खज्जियार  को 'मिनी स्विटजरलैंड' खजियार झील हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 1,920 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके चारों ओर देवदार के पेड़ और झील का नीला पानी का नजारा जबरदस्त होता है। यहां की सबसे आकर्षक चीज तैरता हुआ टापू है जो असल में झील की सतह पर उगने वाले घासों का गुच्छा है। खजियार की खूबसूरती को देखकर 'मिनी स्विट्जरलैंड' की उपाधि दी गई।
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धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम - फोटो : संवाद
धर्मशाला, मैक्लोडगंज भी बेहतर विकल्प
वहीं, कांगड़ा घाटी में नए साल में घूमने के लिए बेहतरीन स्थल हैं। महाराणा प्रताप सागर झील घूम सकते हैं। यह झील व्यास नदी पर बने बांध की वजह से बनी है। इस झील का पानी 180 से 400 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर करीब 220 पक्षियों की प्रजातियां हैं। कांगड़ा में धर्मशाला, मैक्लोडगंज, त्रियुंड, धर्मकोट, भागसूनाग औरनड्डी आदि जगह पर्यटन के लिए बहुत बेहतरीन हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, भागसूनाग वॉटर फॉल आदि जगहों पर भी घूम सकते हैं। सड़क मार्ग से कांगड़ा जाने के लिए दिल्ली, पठानकोट औरचंडीगढ़ से सीधी बस सेवा उपलब्ध है। अगर हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं तो कांगड़ा तो गग्गल एयरपोर्ट तक जा सकते हैं। यहां मां ब्रजश्वेरी देवी का मंदिर है। ये मंदिर अति प्राचीन है। इसके अलावा यहां पर कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिसमें मां चामुंडा देवी, मां ज्वालाजी मंदिर भी अति प्रसिद्ध हैं। यहां पर आप महाकाल मंदिर, नूरपुर में भगवान श्री कृष्ण और मीरा का मंदिर, आशापुरी मंदिर और मां बगलामुखी का मंदिर आद जगहों पर भी घूम सकते हैं।
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नॉर्थ पोर्टल पर सैलानी। - फोटो : संवाद
किस वर्ष कितने सैलानी पहुंचे
वर्ष             सैलानियों की संख्या
2018             88,98,620
2019             90,61,269
2020             22,05,634
2021             19,76,091
2022             86,42,390
2023             1,0006,743(जून तक)
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