कांग्रेस की सोलन रैली में राहुल गांधी ने जनता ही नहीं कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं का भी दिल जीत लिया। जैसे ही वीरभद्र सिंह अपना संबोधन खत्म करके लौटे तो राहुल गांधी सीट पर खड़े हो गए और उन्हें काफी देर तक गले लगाए रखा।
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राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला
दोनों को गले लगे देख पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। इससे पूर्व राहुल गांधी ऊना में हुई जनसभा के दौरान भी वीरभद्र सिंह का हाथ पकड़कर डायस तक लेकर गए थे।
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वीरभद्र सिंह
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लोकसभा चुनाव की आखिरी जनसभा कर रहे राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि वीरभद्र सिंह के पास ज्ञान का भंडार है। इसलिए वे बार-बार उनके गले मिलते हैं। उनसे उन्हें सीखने की प्रेरणा मिलती है।
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राहुल गांधी
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उन्होंने कहा कि वे नरेंद्र मोदी नहीं है जिन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी जैसे बुजुर्ग नेताओं को बाहर धकेल दिया और अब मंच पर वे उनकी तरफ देखते भी नहीं हैं। इतना ही नहीं राहुल ने कहा कि छह बार मुख्यमंत्री होने के बावजूद वीरभद्र सिंह में जरा भी घमंड नहीं है।
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कांग्रेस की रैली
- फोटो : अमर उजाला
वे इस उम्र में भी हार से सीखने की बात करते हैं। वीरभद्र सिंह ने अपने संबोधन में विधानसभा चुनाव में मिली हार का जिक्र किया था और उस हार से सीखने की बात कही थी।
राहुल गांधी ने सोलन में अपना भाषण वीरभद्र सिंह के इन्हीं शब्दों के साथ शुरू किया। उन्होंने कहा कि छह बार के सीएम सीखने की बात करते हैं जबकि एक बार के प्रधानमंत्री मोदी में ऐसा कुछ नहीं है। वे तो किसी को पहचानते तक नहीं।