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हिमाचल: कुल्लू के पलेही और कुठेड़ में फटे बादल, आनी में भारी बारिश से टिपर-पुल बहा, देखें तस्वीरें

Sat, 28 Aug 2021 07:33 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नित्थर/आनी (कुल्लू)/शिमला

सार

शुक्रवार रात राजधानी शिमला सहित कई जगह बादल झमाझम बरसे। रविवार को भी प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 3 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। 
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भारी बारिश से हिमाचल में तबाही। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार देर रात कुल्लू के पलेही और कुठेड़ में बादल फटे। आनी में भारी बारिश से टिपर और पुल बह गया। सेब के बगीचों को भी भारी नुकसान हुआ है। लोग गांव छोड़ सुरक्षित स्थानों में रहने लगे हैं। कुल्लू-मंडी नेशनल हाईवे शनिवार को 34 घंटे बाद यातायात के लिए बहाल हुआ। हमीरपुर में दो कारें मलबे में दब गईं। शुक्रवार रात राजधानी शिमला सहित कई जगह बादल झमाझम बरसे। रविवार को भी प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

शनिवार को शिमला में चार मिलीमीटर बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। शनिवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36.3, बिलासपुर-चंबा में 33.0, भुंतर में 32.2, हमीरपुर में 31.8, सुंदरनगर में 31.4, कांगड़ा में 31.2, सोलन में 29.0, धर्मशाला में 26.6, नाहन में 25.0, केलांग में 23.3, कल्पा में 22.2, शिमला में 22.0 और डलहौजी में 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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नित्थर में फटा बादल। - फोटो : अमर उजाला
तीन अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।जिला कुल्लू में नित्थर उप तहसील की दो पंचायतों कुठेड़ और पलेही में शुक्रवार देर रात बादल फटने से बागवानों का भारी नुकसान हुआ है। कई पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं। बादल फटने से नित्थर से आनी के लिए बस सेवा बाधित रही।
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बादल फटने से भारी नुकसान। - फोटो : अमर उजाला
एसडीएम आनी कुलदीप पटियाल ने बताया कि नायब तहसीलदार नित्थर विकास कुमार ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया है। सरकार को जल्द रिपोर्ट भेजी जाएगी। आनी उपमंडल के अमरबाग, कुशकुटल में भारी बारिश से उपजाऊभूमि सहित फलदार सेब के पौधों को नुकसान हुआ है। सड़क किनारे खड़ा टिप्पर भी बाढ़ की चपेट में आ गया।

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भूस्खलन से मकान को खतरा। - फोटो : अमर उजाला
 सड़क किनारे खड़ा टिप्पर भी बाढ़ की चपेट में आ गया। एक छोटा पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। कुटल अमरबाग क्षेत्र में तीन-चार घरों को भूस्खलन का खतरा पैदा गया है।
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मलबे में दबीं कारें। - फोटो : अमर उजाला
उधर, शिमला-मटौर नेशनल हाईवे के तहत हमीरपुर के पक्का भरो में देर रात हुई बारिश के चलते दो निजी कारें मलबे के नीचे दब गईं। दोनों कारें सड़क के किनारे खड़ी की गई थीं। 
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शिमला का मौसम। - फोटो : अमर उजाला
उधर, शुक्रवार रात को बंगाणा में 115, गोहर में 69, पंडोह में 63, पालमपुर में 53, नादौन में 50, हमीरपुर-जोगिंद्रनगर में 44, मंडी में 38, झंडूता-सुजानपुर टीहरा में 35, सुंदरनगर-अंब में 33, बंजार-रामपुर में 26, बिलासपुर में 25, ऊना में 19, धर्मशाला में 17, जंजैहली में 16 और देहरा गोपीपुर में 14 मिलीमीटर बारिश हुई। 
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चंडीगढ़-मनाली एनएच - फोटो : अमर उजाला
वहीं, सात मील के पास बंद पड़ा चंडीगढ़-मनाली एनएच 36 घंटे के बाद शनिवार सुबह 10 बजे बहाल कर दिया गया है। हाईवे खुलने के बाद भी काफी देर तक लंबा जाम लगा रहा। यातायात बहाल होने स यात्रियों ने राहत की सांस ली। लगातार हो रही बारिश से हाईवे को बहाल करना चुनौती से कम नहीं था। मौसम साफ होते ही प्रशासन ने मशीनरी लगाकर हाईवे को बहाल किया। 

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भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
 सराज विधानसभा क्षेत्र की जैंशला-केल्टी सड़क एक सप्ताह से भूस्खलन के कारण बंद पड़ी है। मार्ग पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरी हैं। बारिश के बीच मार्ग को बहाल करना मुश्किल हो रहा है। नतीजतन टमाटर की पैदावार मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। यह खेतों में ही सड़ रही है। बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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भूस्खलन से लगा जाम। - फोटो : अमर उजाला
कोटली-जोगिंद्रनगर मार्ग भूस्खलन के कारण रुक-रुक कर बंद होता रहा। दुर्गापुर-कथोगन-थौना-रिस्सा, ऊहल- वैली रोड, कैंचीमोड़-कुसमल, लंबाथाच-शिलहिबागी-कल्हणी-पंडोह, मेहराच-देवरी, अलसिंडी-बरयोगी, धरमौड़-बगशाड़ सड़कें अभी भी बंद चल रही है। 
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