आपदा के बाद नहीं भरे पहाड़ के जख्म
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नदी के किनारे भी खनन का काम जारी
इस सड़क के साथ पिन पार्वती नदी बहती है। इस नदी के किनारे भी खनन का काम जारी है। आपदा के दौरान आई गाद और पत्थरों से पूरी पिन पार्वती नदी भरी हुई है। पानी का लेवल भी 5 से 10 मीटर ऊपर तक हो गया है। न्यूली, नुनूर, रोपा, करटाह, सियुंड, सैंज, बकशाहल, बिहाली और तरेड़ा आदि रिहायशी इलाकों में नदी के किनारे मलबे के पहाड़ खड़े हैं। नदी को अब तक समतल नहीं किया जा सका है। आपदा के दौरान कुल्लू के सैंज क्षेत्र में भारी तबाही हुई थी। सात बड़े और छह छोटे पुल बह गए थे। इनमें अभी न्यूली में दो और सैंज में एक बेली ब्रिज ही बन पाया है। देहरीधार, शांघड, गाडा पारली, सुचैहन, दुशाहड़ और तलाड़ा समेत करीब 12 पंचायतों के 100 गांवों के लोग अब भी यहां अस्थायी पुलिया या झूला पुल के सहारे पिन पार्वती नदी को पार कर रहे हैं। कुल्लू और मंडी जिला में करीब 300 गांव अब भी आपदा प्रभावित हैं। इन गांवों के लोग रस्सी और ट्रॉलियों के सहारे नदी-नालों को पार कर रहे हैं।