हिमाचल प्रदेश कुल्लू के बंजार की तीर्थन घाटी में रविवार को फागली उत्सव का धूमधाम से समापन हो गया। फागली उत्सव के मौके पर लकड़ी के मुखौटे और शरूली घास का चोलू बनाकर खूब नृत्य किया गया। सभी फोटो: अजय कुमार
विज्ञापन
PICS: यहां अश्लील जुमलों से भगाई जाती हैं बुरी शक्तियां
2 of 8
यहां सदियों से अनूठी परंपरा निभाई जा रही है। मुखटों के साथ नृत्य के साथ साथ अश्लील जुमलों से बुरी शक्तियों को भगाया जाता है। बंजार की तीर्थन घाटी में यह अनोखी परंपरा सदियों से जारी है।
विज्ञापन
PICS: यहां अश्लील जुमलों से भगाई जाती हैं बुरी शक्तियां
3 of 8
फागली उत्सव में बुरी शक्तियों को दूर भगाने के लिए ग्राम पंचायत नोहांडा का पेखड़ी तिंदर, तुंग पंचायत का गांव फरियाड़ी, शिल्ली पंचायत का गरूली तथा शरची पंचायत के शरची गांव में अश्लील जुमले गाए गए।
PICS: यहां अश्लील जुमलों से भगाई जाती हैं बुरी शक्तियां
4 of 8
देवी गाड़ादुर्गा के कारदार मुरारी लाल और गूर पदम देव का कहना है कि मुखौटे लगाकर शरूली घास का चोला बनाकर नृत्य किया गया। उन्होंने कहा कि इस परंपरा का सदियों से निर्वहन किया जा रहा है। दो दिन तक पूरी घाटी में फागली उत्सव धूमधाम से मनाया गया। फागली उत्सव के लिए तैयार होकर जाता स्थानीय व्यक्ति।
विज्ञापन
PICS: यहां अश्लील जुमलों से भगाई जाती हैं बुरी शक्तियां
5 of 8
इस अवसर पर देवताओं ने साल भर की भविष्यवाणी भी की। देवताओं ने गूर के माध्यम से साल भर घटित होने वाली घटनाओं के बारे में बताया। देवताओं ने पुरानी परंपरा को नहीं छोड़ने के देवलुओं को आदेश दिए।
विज्ञापन
PICS: यहां अश्लील जुमलों से भगाई जाती हैं बुरी शक्तियां
6 of 8
फागली उत्सव में मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए स्थानीय लोग।
विज्ञापन
PICS: यहां अश्लील जुमलों से भगाई जाती हैं बुरी शक्तियां
7 of 8
फागली उत्सव में मुखटे पहनकर नृत्य करते स्थानीय लोग।