नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने को लेकर बैंकों की बैठक हुई जिसमें सामने आई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आंकड़े जनधन खातों से भी जुड़े हुए हैं। आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट-
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नोटबंदी के कारण जनधन खातों में अचानक भारी पैसों का लेन देन सामने आया है। 80 से 90 फीसदी खातों में पुराने नोट जमा किए गए हैं जिससे बैंक भी हैरान हैं। एकाएक इन खातों में आए पैसों पर बैंक अधिकारियों को नजर रखने को कहा गया है।
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हिमाचल में जनधन योजना के तहत सभी बैंकों में कुल 9.87 लाख खाते खुले हैं। ज्यादातर खाते पुराने नोट जमा करवाने के लिए इस्तेमाल किए गए। वहीं, इनमें करीब सवा लाख खातों को लेकर भी एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है।
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बैंकों के अनुसार नोटबंदी के 50 दिन बाद भी प्रधानमंत्री जन धन योजना में हिमाचल में खोले गए करीब सवा लाख खाते अभी भी खाली हैं। इनमें ग्राहकों ने एक रुपये की धनराशि भी जमा नहीं करवाई है।
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आठ नवंबर के बाद से प्रदेश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के रूप में 6562 करोड़ जमा हुए हैं। नोटबंदी के बाद से हिमाचल में नई करेंसी के तौर पर विभिन्न बैंकों के माध्यम से 2042 करोड़ का आवंटन किया गया।
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हिमाचल के बैंकों का एनपीए घटाने में नोटबंदी मददगार साबित नहीं हुई है। बैंकों को इस अवधि के दौरान जितनी रिकवरी की अपेक्षा थी, उतना पैसा बैंकों में जमा नहीं हो सका। सूबे के बैंकों का कुल एनएपीए अभी भी 1775.36 करोड़ है। प्रदेश में एनपीए की प्रतिशतता 5.08 है। बैंकों को उम्मीद थी कि नोटबंदी के बाद लोग ज्यादा मात्रा में रिकवरी को चुकाएंगे, लेकिन बीते 50 दिन में रिकवरी रूटीन की तरह ही प्राप्त हुई।
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हिमाचल में कुल 1820 एटीएम हैं। इनमें 1673 एटीएम को पांच सौ और दो हजार रुपये के नए नोटों के हिसाब से अपडेट कर दिया है। शेष एटीएम अपडेट करने का कार्य जारी है। प्रदेश में बैंकों की कुल 2061 शाखाएं हैं। इनमें 80 प्रतिशत शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। इसके अलावा 1499 बैंक मित्रों के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को बैंकिंग सुविधाएं दी जा रही हैं।
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बुधवार को शिमला स्थित होटल ट्रिपल एच में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में इन आंकड़ों का खुलासा किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव नरेंद्र चौहान ने की। यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके टक्कर ने बताया कि हिमाचल में हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं। लोगों को कैशलेस लेनदेन के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना में 7.28 लाख डेबिट कार्ड ग्राहकों को उपलब्ध करवाए गए हैं। 74 प्रतिशत ग्राहकों को इसके तहत कवर किया गया है। शेष को भी जल्द कार्ड उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। जनधन के 7.72 खातों को आधार नंबर से जोड़ा है। शेष खातों को 31 मार्च, 2017 तक आधार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
बैंकर्स समिति की बैठक में बैंक प्रतिनिधियों ने बताया कि नोटबंदी के बाद प्रदेश में स्थिति सामान्य होने की ओर अग्रसर है। भारी संख्या में कारोबारियों ने पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनें लगाने को बैंकों में आवेदन किया है। डिमांड अधिक होने और मशीनों का निर्माण उस अनुपात में कम होने से 20 से 30 दिन में कारोबारियों को मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव नरेंद्र चौहान ने बताया कि प्रशासन नकदी की कमी की स्थिति से निपटने को प्रयासरत है। बैंकों के लिए पर्याप्त मुद्रा आपूर्ति की व्यवस्था को आरबीआई से इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।