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महिलाएं ही शक्ति: राष्ट्रपति से लेकर मप्र में महापौर तक महिलाओं का दबदबा, MP में नौ शहरों की सत्ता संभालेंगी

सार

देश में महिला राष्ट्रपति के चुने जाने के बाद फिर से नारी सशक्तीकरण की बातें की जाने लगी हैं। मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनावों में भी महिलाओं का वर्चस्व बढ़ा है। 
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मध्य प्रदेश के नौ नगर निगम में अब महिलाएं महापौर होंगी। - फोटो : अमर उजाला
देश में महिला राष्ट्रपति के चुने जाने के बाद फिर से नारी सशक्तीकरण की बातें की जाने लगी हैं। मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनावों में भी महिलाओं का वर्चस्व बढ़ा है। बात करें प्रदेशभर के 16 नगर निगमों की, तो इसमें 9 महापौर अब महिलाएं हो गई हैं। वहीं इन्हीं नगर निगमों की बात करें तो 884 पार्षदों पदों में से करीब 450 पर महिलाओं का कब्जा है। 

बता दें कि भोपाल में मालती राय, ग्वालियर में शोभा सिकरवार, सिंगरौली में रानी अग्रवाल, बुरहानपुर में माधुरी पटेल, सागर में संगीता तिवारी, खंडवा में अमृता यादव, कटनी में प्रीति सूरी, मुरैना में शारदा सोलंकी, देवास में गीता अग्रवाल चुनी गई हैं। इनमें रानी अग्रवाल ने नारी शक्ति का मान और ऊंचा किया है, क्योंकि उन्होंने मुकाबले में प्रदेश की दो दमदार पार्टियों के पुरुष प्रत्याशियों को मात दी है। आज हम बात करते हैं इन्हीं नौ महापौर की, कैसे ये राजनीति में आईं, कैसा संघर्ष रहा और अपनी मेहनत से नगर सरकार की प्रमुख बन गईं। 
 
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सिंगरौली में आम आदमी पार्टी की रानी अग्रवाल महापौर बनी हैंं। - फोटो : सोशल मीडिया
सिंगरौली- रानी अग्रवाल
सिंगरौली नगर निगम में आम आदमी पार्टी की रानी अग्रवाल चुनकर आई हैं। वे 9352 वोटों से जीती हैं। रानी अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी रही हैं। उन्होंने 2014 में बरगवां क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपनी किस्मत आजमाई थी और चुनाव भी भारी मतों से जीती थीं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। उन्होंने 2018 में भी आप से विधानसभा का चुनाव लड़ा था, पर तीसरे नंबर पर रहीं। लगातार सक्रिय रहीं। आने वाले समय में पार्टी इन्हें सांसद का उम्मीदवार भी बना सकती है। 
 
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भोपाल में मालती राय अब महापौर होंगी। - फोटो : सोशल मीडिया
भोपाल- मालती राय
भोपाल में मालती राय महापौर के लिए चुनी गई हैं। उन्होंने करीब 98000 वोटों से जीत हासिल की है। मालती 1985 से भाजपा की सक्रिय सदस्य रही हैं। वे पहले अशोका गार्डन वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। वे दो बार पार्षद का चुनाव हार भी चुकी हैं। विश्वास सारंग की सिफारिश पर उन्हें महापौर का टिकट मिला था। 

 

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ग्वालियर में शोभा सिकरवार नगर सरकार संभालेंगी। - फोटो : सोशल मीडिया
ग्वालियर- शोभा सिकरवार
ग्वालियर की नगर सरकार पर 57 साल बाद कांग्रेस ने जीत हासिल की है। शोभा सिकरवार ने 28805 वोटों जीत हासिल की है। शोभा सिकरवार का पूरा परिवार राजनीति में है, उनके पति, ससुर, देवर सभी लोग राजनीति में काफी सक्रिय हैं और बीजेपी का हिस्सा रह चुके हैं। शोभा सिकरवार ने तीन बार पार्षद और एक बार एमआईसी की सदस्य का चुनाव जीता है। उनका राजनीतिक करियर साल 2004 से शुरू हुआ, जब उन्होंने ग्वालियर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 40 से पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद, 2009 में वार्ड 56 और 2014 में वार्ड क्रमांक 45 से चुनाव लड़ा और फिर पार्षद बनीं। 
 
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बुरहानपुर में माधुरी पटेल महापौर चुनी गई हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
बुरहानपुर- माधुरी पटेल
बुरहानपुर में बड़ा नजदीकी मुकाबला रहा था। भाजपा की माधुरी पटेल 342 वोटों से जीती हैं। वे दूसरी बार महापौर बनी हैं। इससे पहले 2010 के चुनाव में भी वे जीती थीं। माधुरी लंब समय से भाजपा से जुड़ी रही हैं। इनके पति भी महापौर रह चुके हैं। माधुरी जिला उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 
 
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सागर से फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी की भाभी संगीता तिवारी महापौर बनी हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
सागर- संगीता तिवारी
सागर से महापौर चुनी गईं संगीता तिवारी ने 12,665 वोटों से जीत हासिल की। संगीता तिवारी फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी की भाभी हैं। उन्होंने इनके लिए काफी प्रचार किया। संगीता के पति सुशील तिवारी पहले कांग्रेस पार्टी की ओर से दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके है, लेकिन दोनों ही चुनावों मे उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 
 
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खंडवा में अमृता यादव (साफा बांधे) जीती हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
खंडवा- अमृता यादव
खंडवा महापौर बनीं अमृता यादव ने ये चुनाव 19,763 वोटों से जीता है। अमृता यादव के पति अमर यादव न केवल पार्षद रहे है, बल्कि वे नगर निगम में सभापति भी रहे हैं। अमृता की जेठानी ने भी महापौर पद के लिए दावेदारी जताई थी, पर पार्टी ने उन पर भरोसा जताया। 
 

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कटनी में निर्दलीय चुनाव लड़कर जीतीं प्रीति सूरी। - फोटो : सोशल मीडिया
कटनी- प्रीति सूरी
कटनी महापौर चुनी गईं निर्दलीय प्रत्याशी प्रीति सूरी करीब पांच हजार मतों से जीती हैं। उन्होंने भाजपी से बगावत कर चुनाव लड़ा था। प्रीति सूरी लक्ष्मीबाई वार्ड से 2009 और 2014 में लक्ष्मीबाई वार्ड से पार्षद रहीं। उस समय यह भाजपा की टिकट पर ही पार्षद रही थीं। 2004 में इनके पति संजीव सूरी इसी वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते थे।
 

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मुरैना में शारदा सोलंकी महापौर चुनी गई हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
मुरैना- शारदा सोलंकी
कांग्रेस की शारदा राजेंद्र सोलंकी 14631 वोट से जीतकर मुरैना की पहली महिला महापौर बन गई हैं। शारदा पिछले निगम चुनावों में भी कांग्रेस की तरफ से मैदान में उतरी थीं। हालांकि शारदा को पिछले चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। शारदा के जेठ बाबूलाल सोलंकी मुरैना श्योपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। पति राजेंद्र सोलंकी व बेटा सोरभ सोलंकी कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। शारदा का परिवार दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का करीबी माना जाता है।
 
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देवास में गीता अग्रवाल महापौर बनकर शहर की सरकार चलाएंगी। - फोटो : सोशल मीडिया
देवास- गीता अग्रवाल
देवास महापौर की कुर्सी पर भाजपा प्रत्याशी गीता अग्रवाल ने 45 हजार 884 वोटों से कब्जा कर लिया। ऐनवक्त पर इनका टिकट तय किया गया था। गीता अग्रवाल एक गृहिणी हैं। गीता के पति दुर्गेश अग्रवाल पूर्व में देवास विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और विधायक गायत्री राजे पवार के विधायक प्रतिनिधि भी रहे हैं। गीता अग्रवाल पति के साथ अग्रवाल समाज के अलावा अन्य समाजों के धार्मिक और सामाजिक कार्यों में अक्सर नजर आती हैं। 
 
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