नृत्य करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
मुनि श्री के मार्गदर्शन में अनेक जगह गोशाला, विद्यालय, अस्पताल, लघु उद्योगों की स्थापना जैसे पुण्यार्थ के कार्य किए गए हैं, जिससे अनेक व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुनिश्री के सानिध्य में ही कोटा में बालिका छात्रावास, चिकित्सालय और गोशाला का निर्माण कराया गया है। वहां अध्यनरत छात्रों के जीवन में संस्कारों की नींव पड़ी, सात्विक विचार शामिल हुए।