जिलहरी घाट में कई सालों से तैराकी का प्रशिक्षण दे रहे बुजुर्ग भी बड़े ही बेहतर ढंग से तैराकी सीखने वालों को प्रशिक्षण देते हैं और उन्हें एक बेहतरीन तैराक बनाने के लिए बारीकियां सिखाते हैं।
मध्य प्रदेश में मई माह में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। कई जिलों में पारा 44 डिग्री के पार है, चिलचिलाती धूप लोगों को परेशान कर रही है। सूरज कहर बरपा रहा है। भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए जबलपुर में लोग सुबह और शाम को बड़ी संख्या में नर्मदा तटों पर पहुंच रहे हैं। इन दिनों नर्मदा नदी का जिलहरी घाट पर्यटकों से गुलजार है, सुबह से ही लोग यहां स्नान करने और तैराकी करने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
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जिलहरी घाट में स्वीमिंग सीखते बच्चे और महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
नर्मदा नदी का जिलहरी घाट नेचुरल स्वीमिंग पूल के तौर पर जाना जाता है। यहां जलस्तर कम होने के चलते बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं औ युवा स्वीमिंग करने के लिए पहुंचते हैं और भीषण गर्मी में घंटों पानी के अंदर रहकर गर्मी से राहत पाते हैं।
गर्मी से निजात पाने नर्मदा तट पर लोग।
- फोटो : अमर उजाला
इस घाट पर कई सालों से तैराकी की ट्रेनिंग भी दी जाती है, कई लोग जहां तैराकी का आनंद उठाने आते हैं तो कई लोग तैराकी सीखने के लिए यहां डेरा जमाए रहते हैं। जिलहरी घाट में कई सालों से तैराकी का प्रशिक्षण दे रहे बुजुर्ग भी बड़े ही बेहतर ढंग से तैराकी सीखने वालों को प्रशिक्षण देते हैं और उन्हें एक बेहतरीन तैराक बनाने के लिए बारीकियां सिखाते हैं।