भोपाल दुष्कर्म केस के ये तीन किरदार।
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जानिए क्या है मामला?
भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र स्थित एक में मल्टी में रहने वाली पांच साल की बच्ची 24 सितंबर की दोपहर को लापता हुई। काफी तलाश के बाद वह नहीं मिली तो परिजनों ने अपहरण का केस दर्ज कराया। रात तक बच्ची का कुछ पता नहीं चला। अगले दिन पुलिस की टीमें बच्ची की तलाश में फिर जुटीं। मल्टी के सभी फ्लैट्स की तलाशी ली गई, आसपास के इलाके में सर्च किया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। 26 सितंबर को मल्टी से लोगों को बदबू आना शुरू हुई, लोगों ने सभी फ्लैट में जाकर बदबू का कारण पूछा और जांच की। लेकिन, जब लोग आरोपी अतुल के फ्लैट में पहुंचे तो उसकी बहन चंचल ने अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस फ्लैट में पहुंची तो चंचल ने मरा हुआ चूहा दिखाकर कहा कि बदबू इसकी आ रही है। लेकिन, काफी देर तब बदबू नहीं गई तो पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस फ्लैट में अंदर घुसी और तलाशी के दौरान पानी की टंकी से बच्ची का शव बरामद किया था। पानी में पड़े रहने के कारण शव फूल गया था, जिसे टंकी काटकर निकाला गया था। शव को पीएम के बाद सीधे शमशान घाट ले जाया गया था, जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पीड़ित परिवार आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहा है।