बच्ची से दुष्कर्म में गिरफ्तार आरोपी और उसकी मां-बहन ने बताया कि कैसे बचने के रास्ते तलाशते रहे।
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लाश ठिकाने लगाने का नहीं मिला मौका
अतुल ने पुलिस को बताया कि दुष्कर्म और हत्या के बाद बच्ची के शव को एक दिन तक अंदर के कमरे में चादर में लपेट कर रखा था। काम से लौटकर मां और बहन आई तो उन्हें जानकारी दी। उन दोनों ने लाश छिपाने में मेरी मदद की और किसी को शक न हो, इसलिए हम सब पड़ोसियों के साथ बच्ची को तलाशते रहे। पुलिस और परिजन मेरे घर के अंदर तलाशी न ले पाएं, इसलिए हम सब कमरे का ताला बंद कर अधिकांश समय बच्ची की तलाशते रहे। लाश पर मक्खियां लगने लगीं और बदबू हल्की बदबू आने लगी तो मां और बहन के साथ मिलकर किचन के ऊपर रखी छोटी सी टंकी में लाश को डाल दिया, ताकि बदबू न आए और तलाशी होने पर बचा भी जा सके। आरोपी मां और बहन ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद हम लोग डर गए थे, इसलिए किसी को कुछ नहीं बताया। हम सोच रहे थे कि देर रात सुनसान माहौल में लाश को कहीं दूर ले जाकर फेंक देंगे, लेकिन मौका ही नहीं मिला।