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भोपाल: अमित शाह बोले-बीएनएस के बाद अपराध के मामलों में सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल में होगा फैसला

Sat, 03 Oct 2026 01:10 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए अमित शाह ने कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उज्जैन में 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन हुआ, जबकि भोपाल और शिवपुरी में कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। अपने संबोधन में केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि बीएनएस नई न्याय संहिता में अपराध के मामलों में तीन साल में फैसला होगा। 
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सीएम मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह का स्वागत किया - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में मध्यप्रदेश के डेयरी सेक्टर को कई सौगातें दीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। साथ ही दुग्ध संघों के सदस्यों और गौशालाओं को आर्थिक सहायता भी वितरित की। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। शाह यहां राज्य स्तरीय नवीन न्याय संहिताओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद गोपालक सम्मेलन में शामिल हुए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था पहले ‘तारीख पर तारीख’ के लिए जानी जाती थी। लेकिन नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद, कोई भी एफआईआर दर्ज होने पर दोषी को सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल के भीतर सजा दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों के दौर में बनाए गए कानूनों का उद्देश्य सरकार और प्रशासन के हितों की रक्षा करना था। नए कानूनों का केंद्र भारत के नागरिक हैं। इन कानूनों के जरिए नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि नई न्याय व्यवस्था का मूल उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है। ये क़ानून पूर्ण रूप से लागू होने के बाद दुनिया का सबसे आधुनिक क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम बनेगा। 

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नशामुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य, 2029 के बाद नशे की जगह नहीं होगी 
अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजना तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले प्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। शाह ने प्रदेश के अभिभावकों और खासकर माताओं से कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद उनके बेटे-बेटियों के लिए मध्यप्रदेश में नशे की कोई जगह नहीं होगी।
 
दुग्ध उत्पादक राज्यों में टॉप-5 भाजपा शामित, कांग्रेस की नो-एट्री
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014-15 में देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 307 ग्राम प्रतिदिन थी, जो अब 58 प्रतिशत बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। भारत आज दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है। शाह ने कहा कि देश में टॉप-5 दुग्ध उत्पदकों वाले राज्यों में सभी भाजपा शासित हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र इन पांचों राज्यों में भाजपा की सरकार है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन वाले राज्यों में पशुपालकों के कल्याण के लिए काम नहीं होता। उनके अनुसार कांग्रेस का काम केवल रैलियां निकालना, विरोध करना और अराजकता फैलाना रह गया है।

75 हजार नई ग्रामीण डेयरियां बनाने की तैयारी
शाह ने कहा कि श्वेत क्रांति-2 के तहत देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में 75 हजार नई डेयरियां स्थापित करने की योजना है। इनमें सबसे ज्यादा डेयरियां मध्यप्रदेश में बनाई जाएंगी। इसके साथ ही पहले से संचालित 46 हजार डेयरियों को भी मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने से किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

गोबर से ऊर्जा और खाद, गांवों में रोजगार पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इसके तहत गोबर के वैज्ञानिक उपयोग, चारा प्रबंधन, बेहतर पशु आहार और कृत्रिम गर्भाधान जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। गोबर के वैज्ञानिक संग्रह से मीथेन उत्सर्जन कम करने, स्वच्छ ऊर्जा बनाने और पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण के साथ ग्रामीण रोजगार बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारी डेयरी व्यवस्था महिला सशक्तीकरण और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में भी अहम भूमिका निभा सकती है।

सहकारी व्यवस्था से गोपालकों को मिलेगा बेहतर दाम 
अमित शाह ने कहा कि खुले बाजार में दूध बेचने पर गोपालकों को कई बार बिचौलियों के कारण उचित कीमत नहीं मिल पाती। सहकारी व्यवस्था से जुड़ने पर उन्हें दूध का बेहतर दाम मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए दूध के संग्रह के साथ प्रसंस्करण की व्यवस्था भी जरूरी है। दूध से आइसक्रीम, मक्खन, घी, चीज और मावा जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।

उज्जैन में 255 करोड़ के प्लांट से रोज तीन लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस
शाह ने कहा कि दूध के प्रसंस्करण के लिए मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकसित की जा रही है। इसी क्रम में उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग क्षमता वाला प्लांट तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में दूध के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा।

50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य कठिन, फिर भी साथ दूंगा 
अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार की ओर से प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य तय किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लक्ष्य कठिन जरूर है, लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि इस लक्ष्य को पूरा कराने के लिए वे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे और मध्यप्रदेश के गोपालकों के साथ भी खड़े रहेंगे।

मोदी सरकार ने बनाया अलग सहकारिता मंत्रालय
शाह ने कहा कि आजादी के बाद से देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग थी, लेकिन लंबे समय तक यह नहीं बन सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया गया। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय का सबसे ज्यादा लाभ किसानों और गोपालकों को मिलेगा।

किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेयरी और सहकारिता के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने गोपालकों के हित में लिए गए फैसलों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम को बधाई दी।

सीएम मोहन और उनकी पूरी टीम को साधुवाद 
केंद्रीय मंत्री ने गोपालकों को लेकर लिए गए निर्णयों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी टीम की प्रशंसा की। अमित शाह ने कहा कि आज गोपालकों के हितों के लिए किए गए कार्यों के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी टीम को बधाई देता हूं। 

उज्जैन में 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन
अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। इस प्लांट में रोजाना 3 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। इसके अलावा भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया गया। भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये की लागत से बनी राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में दूध के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार होने की उम्मीद है।

दुग्ध संघों के सदस्यों को बोनस, गौशालाओं को सहायता
सम्मेलन में अमित शाह ने भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े सदस्यों को सिंगल क्लिक के जरिए बोनस राशि का वितरण किया। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश दिया गया। इसके साथ ही प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को भी सहायता राशि वितरित की गई। कार्यक्रम में पांच गोपालक दीदियों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान ‘मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात’ और कृषि वर्ष पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। 

3,214 गोशालाओं में करीब 5 लाख गोवंश का संरक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, महिला, किसान और युवा चार वर्गों के उत्थान का आह्वान किया है। मध्यप्रदेश सरकार भी इन्हीं वर्गों को केंद्र में रखकर संबंधित विभागों को जोड़ते हुए काम कर रही है। किसान कल्याण के तहत इस वर्ष ‘बलराम कृषि महोत्सव’ के माध्यम से प्रदेश के सभी 55 जिलों में उन्नत खेती और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़कर 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। खेती और पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में गाय और भैंस सहित करीब 6 करोड़ पशुधन है। किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्नत नस्ल के पशुधन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार भी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 2 लाख गोपालक दीदियां डेयरी सहकारिता और पशुपालन से जुड़कर अपनी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर कर रही हैं। प्रदेश की 3,214 गोशालाओं में करीब 5 लाख गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य के सभी 313 विकासखंडों में वृंदावन ग्राम विकसित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।
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अमित शाह ने प्रदर्शन का उदघाटन किया - फोटो : अमर उजाला
नवीन न्याय संहिताओं पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन
गोपालक सम्मेलन से पहले अमित शाह ने भेल दशहरा मैदान में नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनी के अलग-अलग खंडों का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में नए आपराधिक कानूनों के प्रमुख प्रावधानों, उनके लागू होने के बाद हुए बदलाव और आम लोगों को मिलने वाले लाभों की जानकारी सरल तरीके से प्रदर्शित की गई है। मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से इन कानूनों के क्रियान्वयन से जुड़ी उपलब्धियों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य नए कानूनों को लेकर आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें कानून में हुए बदलावों की जानकारी देना है। 

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प्रदर्शनी का अवलोकन करते अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
मोरवन प्रोजेक्ट के लिए हुआ एमओयू
कार्यक्रम के दौरान भोपाल में नगर वन विकसित करने के लिए एक अहम समझौता भी हुआ। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड  और मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता मोरवन प्रोजेक्ट के तहत भोपाल में नगर वन विकसित करने के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ाने के साथ स्थानीय जैवविविधता और वनस्पतियों का संरक्षण करना है। 

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केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ सीएम मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
हेमंत खंडेलवाल बोले- दूध से बढ़ेगी किसानों की आय
गोपालक सम्मेलन को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में प्रदेश में काम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। उनके मुताबिक दूध का कलेक्शन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए सहकारी मॉडल को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने आने वाले वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य भी बताया। 

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 उज्जैन में 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन
अमित शाह कार्यक्रम के दौरान उज्जैन में बनने वाले 255 करोड़ रुपये के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल माध्यम से भूमिपूजन करेंगे। इसकी शुरुआती क्षमता तीन लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण की होगी। इसके अलावा भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की लागत से बने राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन प्रस्तावित है। शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी डिजिटल उद्घाटन किया जाएगा।

दिनभर कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे अमित शाह
अमित शाह के भोपाल दौरे में गोपालक सम्मेलन के अलावा केंद्र और राज्य से जुड़े कई विषयों पर बैठकें और कार्यक्रम शामिल हैं। शाम को वे भौंरी स्थित IISER परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां विस्तारित परिसर ‘अत्री परिसर’ का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी कार्यक्रम का हिस्सा है।
 
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