बसपा से बगावत करके स्वामी प्रसाद मौर्य सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए हैं। पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने अपना दल बनाने की कोशिश की साथ ही कई दलों से संपर्क साधा। आखिरकार उन्हें बीजेपी का साथ मिल गया।
देखें उनका राजनीतिक सफरनामा...
विज्ञापन
2 of 9
स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
स्वामी प्रसाद मौर्य का जन्म 2 जनवरी 1954 को प्रतापगढ़ में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से लॉ में स्नातक और एमए की डिग्री की हासिल की है।
विज्ञापन
3 of 9
स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
स्वामी प्रसाद मौर्य चार बार विधायक चुने गए और पांच बार कैबिनेट मंत्री बने साथ ही यूपी विधानसभा से तीन बार नेता प्रतिपक्ष चुने गए।
4 of 9
स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
मौर्य ने 1980 में राजनीति में सक्रिय रूप से कदम रखा। वह इलाहाबाद युवा लोकदल की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बने और जून 1981 से सन 1989 तक महामंत्री पद पर रहे। इसके बाद 1989 से सन 1991 तक यूपी लोकदल के मुख्य सचिव रहे। मौर्य 1991 से 1995 तक उत्तर प्रदेश जनता दल के महासचिव पद पर रहे।
विज्ञापन
5 of 9
स्वामी प्रसाद मौर्य
2 जनवरी 1996 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा की सदस्यता ली और प्रदेश महासचिव बने।
विज्ञापन
6 of 9
स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
1996 में स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा के टिकट पर डलमऊ, रायबरेली से विधानसभा सदस्य बने और चार बार विधायक बने।
विज्ञापन
7 of 9
स्वामी प्रसाद मौर्य
मौर्य ने 2009 में पडरौना विधानसभा उपचुनाव जीता और केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह की मां को हराया।
8 of 9
स्वामी प्रसाद मौर्य
मई 2002 से अगस्त 2003 तक उन्हें मंत्री का दर्जा मिला और अगस्त 2003 से सितंबर 2003 तक नेता प्रतिपक्ष भी रहे।
मौर्य सन 2007 से 2009 तक मंत्री रहे। जनवरी 2008 में उन्हें बसपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। 2012 में मिली हार के बाद मायावती ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नेता प्रतिपक्ष बनाया और उनकी जगह रामअचल राजभर को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया।