अरुण कुमार ने पुलिसकर्मियों से हमेशा जनता के प्रति अच्छे व्यवहार की उम्मीद की। उन्होंने थाना-चौकी और पुलिस कार्यालयों में आगंतुक रजिस्टर रखवाए। इन पर सभी फरियादियों या आने-जाने वालों का नाम-पता लिखा होता था। पुलिसकर्मियों ने उनसे कैसा व्यवहार किया, इस पर टिप्पणी के लिए कॉलम था। अगर कोई दुर्व्यवहार का जिक्र करता तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती। कई थानेदारों की कुर्सी उन्होंने सिर्फ इसलिए छीन ली क्योंकि वह जनता से अच्छा व्यवहार नहीं करते थे।