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ये एसएसपी ईमानदार पुलिसकर्मियों को देते थे मलाईदार थानों का चार्ज, बेहद अलग था काम करने का अंदाज

Thu, 01 Nov 2018 05:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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आईपीएस अरुण कुमार
लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इस कॉलम में हम आपको ऐसे ही अलग बात वाले वर्दीवालों से परिचित कराते हैं। इनमें अरुण कुमार की अलग पहचान थी। स्पेशल टास्क फोर्स के जरिये देशभर में अपराधियों के मन में कानून और खाकी का खौफ पैदा करने का श्रेय उन्हें ही जाता है।
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- फोटो : डेमो
आईपीएस अरुण कुमार यूपी पुलिस के ईमानदार, तेज-तर्रार और सख्त छवि के अधिकारी हैं। राजधानी में बतौर एसएसपी अपने छोेटे से कार्यकाल में ही उन्होंने कई यादगार काम किए। अरुण कुमार ने 12 नवंबर 1997 को राजधानी के एसएसपी की कुर्सी संभालते ही सबसे पहले पुलिसकर्मियों की वसूली बंद कराई। उन्होंने वायरलेस सेट से सभी थाना-चौकी प्रभारियों को वसूली न करने का मेसेज किया और ईमानदारी से काम करने की अपेक्षा जताई।
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डेमो
 ईमानदार पुलिसकर्मियों को वह न सिर्फ पुरस्कृत करते, बल्कि थाने का चार्ज भी देते थे। रात को अचानक गश्ती जारी करते थे। ईमानदार और साफ छवि के दरोगा सुबह गश्ती में मलाईदार थानों का चार्ज देखकर हैरान रह जाते थे। वह दो अप्रैल 1998 तक एसएसपी रहे। इसके बाद उन्हें एसटीएफ का एसएसपी बनाया गया था।

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ips
अरुण कुमार ने पुलिसकर्मियों से हमेशा जनता के प्रति अच्छे व्यवहार की उम्मीद की। उन्होंने थाना-चौकी और पुलिस कार्यालयों में आगंतुक रजिस्टर रखवाए। इन पर सभी फरियादियों या आने-जाने वालों का नाम-पता लिखा होता था। पुलिसकर्मियों ने उनसे कैसा व्यवहार किया, इस पर टिप्पणी के लिए कॉलम था। अगर कोई दुर्व्यवहार का जिक्र करता तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती। कई थानेदारों की कुर्सी उन्होंने सिर्फ इसलिए छीन ली क्योंकि वह जनता से अच्छा व्यवहार नहीं करते थे।
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- फोटो : डेमो
स्पेशल टास्क फोर्स को दिलाई पहचान
आईपीएस अरुण कुमार ने अपराधियों के बीच एसटीएफ की धाक जमा दी थी। उनका एसटीएफ के गठन में महत्वपूर्ण योगदान था। वह एसटीएफ के पहले एसएसपी भी रहे। उनके कार्यकाल में ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला ने मारने की सुपारी ली थी। अरुण कुमार ने तकनीकी दक्षता और पहली बार सर्विलांस का इस्तेमाल कर श्रीप्रकाश जैसे खूंखार अपराधी का खात्मा किया था।
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