प्रो. निर्मल गुप्ता
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एसजीपीजीआई में कार्डियोवस्कुलर विभाग के प्रमुख प्रो. निर्मल गुप्ता कहते हैं कि वर्ष 2000 में यहां आया तो उस दौरान हृदय रोगियों की उम्र का औसत 55 से 60 वर्ष था। अब यह औसत 35 से 50 साल है। वह कहते हैं कि ऑपरेशन या दवाएं तो बीमारी का इलाज हैं, हमें तो बीमारी को न होने देने के बारे में सोचना होगा। दांत व मसूड़ों में संक्रमण भी दिल को रोगी बना सकता है। मैंने जितने भी ऑपरेशन किए, सभी के डेंटल हाईजीन का स्तर बहुत खराब था। दांतों की साफ-सफाई करने की आदत बच्चों में डालनी चाहिए। इसके अलावा हफ्ते में पांच दिन 30-30 मिनट खुद को एक्टिव रखें। टहलें या दौड़ें। - प्रो. निर्मल गुप्ता