सिपाही जंग नहीं लड़ेगा तो करेगा क्या
मेरी बेटी जेआर स्वाति विश्वकर्मा मेडीकोज है और मुझे इस पर गर्व है कि मैं उसकी मां हूं। जब उसकी ड्यूटी लगाई गई तो उसने मुझे फोन कर यह नहीं बताया बल्कि उल्टे सवाल किया कि मम्मी अगर सिपाही जंग नहीं लड़ेगा तो क्या करेगा। उस दिन बात आई गई हो गई। जिस दिन उसकी ड्यूटी थी, उसने फोन कर कहा कि मां ड्यूटी पर जा रही हूं, मौका लगेगा तो बात होगी, मेसेज भेज दूंगी परेशान मत होना। तब मुझे अहसास हुआ कि उसने यह क्यों कहा था कि सिपाही जंग नहीं लड़ेगा तो क्या करेगा। मरीज के संपर्क में रहना, पीपीई किट पहनना कितना दिक्कत भरा है, यह हर वक्त सुनते रहते थे, डरी ही थी, पर उसने डर दूर किया।
-मंजु विश्वकर्मा, जेआर स्वाति विश्वकर्मा की मम्मी