सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द करने के फैसले को सही ठहराए जाने के बाद पूरे प्रदेश भर में कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सहायक शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मजबूरियां गिनाई और फैसले पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि कोर्ट का ये फैसला 1.78 लाख शिक्षामित्रों से जुड़ा हुआ है। हालांकि समायोजन रद्द करते हुए कोर्ट ने इतना जरूर कहा कि अगर ये शिक्षामित्र टीईटी (सहायक शिक्षक के लिए जरूरी अर्हता) पास हैं या भविष्य में पास कर लेते हैं तो सहायक शिक्षकों के लिए होने वाली दो नियुक्ति प्रक्रिया में उन पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि राज्य सरकार चाहे तो समायोजन के पूर्व की स्थिति में शिक्षामित्रों की सेवा जारी रख सकती है।
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कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए बुधवार को प्रदेश भर में शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया। (बहराइच में बुधवार को रास्ता जाम कर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र)
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बाराबंकी में लखपेड़ाबाग चौराहा हाइवे जाम कर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।
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4. बाराबंकी में प्रदर्शन करते शिक्षामित्रों को सम्बोधित करते एडीएम अनिल सिंह।
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बहराइच में रास्ता जाम कर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।
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कोर्ट के आदेश के बाद प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों से ज्ञापन लेकर वार्ता करते बाराबंकी के जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी।
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अंबेडकरनगर जिलामुख्यालय पर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।
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उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई और अपनी मजबूरियां गिनाई।
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गोंडा के कलेक्ट्रेट सभागार के सामने प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।