मामला साल 2016 के ही जून महीने का है। राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में बालागंज पुलिस चौकी के पीछे स्थित कब्रिस्तान के पास बच्चे खेल रहे थे।
विज्ञापन
2 of 5
उन बच्चों ने आपस में कब्र से 'बचाओ-बचाओ' की आवाज आने की चर्चा की। थोड़ी ही देर में पूरे इलाके में अफवाह फैल गई कि कब्र से ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाज सुनाई दे रही है।
विज्ञापन
3 of 5
कब्रिस्तान में भीड़ उमड़ने लगी। अनेक लोग कब्र पर कान लगाकर आवाज सुनने की कोशिश में जुट गए। इलाके में लगातार भीड़ बढ़ती गई।
4 of 5
इतना ही नहीं, लोग अड़ गए और कब्र खोदने की मांग करने लगे। ऐसे में पुलिस भी परेशान हो गई कि लोगों को कैसे समझाया जाए।
एसओ ने भीड़ को कब्र से दूर हटाकर लोगों की मौजूदगी में अपनी टीम से जांच कराई। कब्र से ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाज अफवाह साबित होने पर भीड़ छंटनी शुरू हुई। इसके बावजूद इलाके में कब्र से आवाज की चर्चा चलती रही। बड़े तो भूल गए गाहे-बगाहे ये बात आज भी बच्चे आपस में चर्चा करते हैं।