‘भैया, एक नहीं, तीन-तीन तेंदुए इलाके में घूम रहे हैं। हम तो कमरे में थे। दहाड़ सुनकर निकले तो देखा सड़क पर सामने से तेंदुआ आ रहा था। हमने गेट बंद किया, उधर तेंदुआ प्लॉट में कूद गया। दूसरा तेंदुआ प्रेसीडेंसी स्कूल में बैठा था और तीसरे ने झाडू़-पोछा करने वाली मालती देवी पर हमला कर दिया...।’ रामकिशन ने अपना किस्सा खत्म भी नहीं किया था कि पड़ोसन ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘अब उस प्लॉट के रेट बढ़ जाएंगे। वन विभाग वाले लापरवाह हैं। तेंदुआ सामने दिख रहा था, चाहते तो लपककर पकड़ लेते। आखिन के सामने भाग गवा...’।
गुडम्बा के कल्याणपुर में बीते शनिवार से ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है। लोग घरों में कैद हैं बाहर निकल रहे हैं तो झुंड में। दिनभर लोग तेंदुए के किस्से मिर्च-मसाला लगाकर सुनते हैं और शाम ढलते ही दहशत उनके चेहरे पर दिखने लगती है। मंगलवार को भी तेंदुए के डर से तीसरे दिन इलाके की गलियां सूनी पड़ी नजर आईं। वन विभाग की टीम पकड़ने के लिए दौड़ रही हैं। हालांकि, अभी तक सफलता नहीं मिली।