आ गया वो दिन जब सबकी इच्छाएं पूरी करने को सेंटा आएंगे। क्रिसमस एक ऐसा त्योहार है, जिसे मसीही समुदाय के लोग तो मनाते ही हैं, पर समाज का हर वर्ग, बच्चे, नौजवान इसमें हिस्सा लेते हैं और खुशियां बांटते हैं। क्रिसमस और सेंटा का गहरा रिश्ता है। बचपन से यही कहानियां बच्चों को सुनाई जाती हैं कि रात को पर्ची पर विश लिख कर तकिये के नीचे रख दो, सेंटा वो पूरी कर देगा।
आज भी माता-पिता क्रिसमस पर बच्चों को यही कह कर उन्हें खुश रखने के लिए मनपसंद उपहार मंगाते हैं। समाज का एक तबका ऐसा भी है, जिनकी नियति में अभाव लिखा है। ऐसे लोगों की इच्छा पूरी करने वाले, समय-समय पर उनमें खुशियां बांटने वाले लोग भी उनके लिए किसी सेंटा से कम नहीं। क्रिसमस के मौके पर आइए बात करते हैं ऐसे ही सेंटा क्लाज के बारे में।