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विधान परिषद सभापति के बेटे के हत्याकांड में सामने आया चौंकाने वाला सच, वजह जानकर पुलिस भी चौंकी

Mon, 22 Oct 2018 09:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस जानकारी लेती हुई - फोटो : अमर उजाला
विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत उर्फ विवेक यादव (23) की दारूलशफा स्थित सरकारी आवास में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उसका शव रविवार सुबह बिस्तर पर पड़ा मिला। पुलिस ने अभिजीत की मां को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि मीरा अभिजीत की नशे की आदत से आजिज आ चुकी थी। रात में भी वह शराब के नशे में घर आया। इसी को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। इस बीच, बड़े भाई अभिषेक की तहरीर पर हजरतगंज थाने में देर रात अज्ञात के खिलाफ साक्ष्य छिपाने व हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।
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son of ramesh yadav - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभिजीत के सिर पर वार करने और गला घोंटकर हत्या करने की पुष्टि हुई है। एसएसपी कलानिधि नैथानी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। मूल रूप से एटा के रहने वाले रमेश की दूसरी पत्नी मीरा दारूलशफा के बी-ब्लॉक में बड़े बेटे अभिषेक व छोटे अभिजीत के साथ रहती हैं। मीरा पर्यटन विभाग में अधिकारी थीं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था। घटना के वक्त मीरा व अभिषेक घर में ही मौजूद थे और दरवाजा अंदर से बंद था। रमेश की पहली पत्नी भी लखनऊ में ही रहती हैं। उनका बेटा आशीष एटा से विधायक रहा है।
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शवयात्रा रोककर कराया पोस्टमार्टम

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मौके पर मौजूद महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
अभिजीत की मौत का पता चलने पर हजरतगंज पुलिस उनके घर पहुंची तो परिवारीजनों ने नाराजगी जताई। परिवारवाले आनन-फानन में बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुके थे। रमेश यादव के पहुंचने से पहले ही पुलिस को रौब दिखाकर शव लेकर बैकुंठ धाम के लिए निकल पड़े। इसी बीच, एसएसपी कलानिधि नैथानी ने शवयात्रा रोककर पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। रात करीब सवा आठ बजे सभापति के पहुंचने के बाद अभिजीत का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

अंतिम संस्कार रोककर पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम तो सामने आया सच

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विधान परिषद सभापति के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
अभिजीत की मौत का पता चलने पर हजरतगंज पुलिस उनके घर पहुंची तो परिवारीजनों ने नाराजगी जताई। परिवारवाले आनन-फानन में बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुके थे। रमेश यादव के पहुंचने से पहले ही पुलिस को रौब दिखाकर शव लेकर बैकुंठ धाम के लिए निकल पड़े। इसी बीच, कलानिधि नैथानी ने सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा व इंस्पेक्टर राधा रमण को शवयात्रा रोककर पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया।
 
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परिवार के बदलते बयान से गहराया संदेह

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हत्या के बारे में जानकारी देते हुए - फोटो : अमर उजाला
अभिजीत की मौत को परिवारवालों ने पहले हार्टअटैक से होना बताया। बाद में मां मीरा ने कहा कि सीने में दाहिने तरफ दर्द के बाद गले में दर्द हो रहा था। तब उन्होंने बाम लगाया था। मां के मुताबिक घर पर केवल अभिजीत था। अभिषेक बाहर गया था। जबकि पड़ोसी व अन्य परिवारीजन केमुताबिक तीनों घर पर ही थे। जांच के दौरान परिवार द्वारा बार-बार बाधा उत्पन्न करने से भी पुलिस को शक हुआ।
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