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लखनऊ: अग्निकांड में सात लोगों की मौत के बाद इन होटलों पर एलडीए की कार्रवाई, तोड़े अवैध निर्माण

Thu, 11 Jul 2019 04:22 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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होटलों एसएसजे और विराट को एलडीए ने तोड़ना शुरू किया - फोटो : अमर उजाला
19 जून 2018 को हुए अग्निकांड में सात लोगों के जिंदा जलने के बाद लखनऊ के नाका में अवैध निर्माण कर चल रहे दोनों होटलों एसएसजे इंटरनेशनल और विराट इंटरनेशनल को एलडीए ने तोड़ना शुरू कर दिया। बुधवार को प्रवर्तन दस्ते ने पुलिस फोर्स और जिला प्रशासन की मौजूदगी में होटलों के अवैध निर्माण तोड़े। कार्रवाई बृहस्पतिवार को भी चलेगी। सुबह 10 बजे से एलडीए ने कार्रवाई शुरू की। इसके बाद देर शाम तक होटलों के पांच मंजिल तक अवैध निर्माण तोड़े जाते रहे। होटलों की छतों की स्लैब में ड्रिल मशीनों से छेद किया गया। इसके बाद जेसीबी से प्रवेश द्वार और बिल्डिंग के छज्जे गिराए गए। बृहस्पतिवार को अब एलडीए बीम और कॉलम तोड़ेगा। इसके अलावा अवैध निर्माण कर डाली स्लैब को पूरी तरह तोड़ा जाएगा। बुधवार को कार्रवाई के दौरान एलडीए ने एजेंसी के दो दर्जन लोग लगाए। बृहस्पतिवार को इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
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एलडीए ने होटलों को तोड़ना शुरू किया - फोटो : अमर उजाला
एलडीए की संयुक्त सचिव व विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास खुद अधिशाषी अभियंता ओपी मिश्रा और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। उनका कहना है कि दोनों होटलों का निर्माण एलडीए की मवैया योजना के आवासीय भूखंड़ों पर किया गया था। अवैध निर्माण के चलते 2013 में इन्हें तोड़ने का आदेश तत्कालीन विहित प्राधिकारी ने किया, लेकिन, मिलीभगत से अवैध निर्माण तोड़ने की जगह इन्हें चलने दिया गया।
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एलडीए ने होटलों को तोड़ना शुरू किया - फोटो : अमर उजाला
इनमें से एसएसजे इंटरनेशनल का निर्माण सविता रानी जायसवाल और विराट इंटरनेशनल अर्पित जायसवाल ने बनवाया है। एसएसजे इंटरनेशनल का आवासीय में ढाई मंजिला नक्शा स्वीकृत है। वहीं, विराट इंटरनेशनल का कोई मानचित्र स्वीकृत नहीं है। दोनों ने पांच मंजिल तक निर्माण कर लिया है।

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एलडीए ने होटलों को तोड़ना शुरू किया - फोटो : अमर उजाला
तोड़ने पहुंचे तो खुला मिला ऑफिस
एलडीए जब कार्रवाई करने पहुंचा तो होटल में कार्यालय चलता हुआ मिला। विराट इंटरनेशनल में जो भाग जल गया था, उसे रिनोवेट कर चमका लिया गया था। अंदर बैठने के लिए जगह भी बनाई गई। एलडीए जब पहुंचा तो मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला भी लगा मिला। इसे तोड़कर स्टाफ को अंदर जाना पड़ा। इससे पहले जून में यहां काम शुरू होने की शिकायत मिली। इसकी जांच होने पर शिकायत को सही पाया गया। आनन-फानन काम बंद कराया गया था।
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होटल टूटता देख मालकिन रो पड़ी - फोटो : अमर उजाला
ध्वस्तीकरण के आदेश, लेकिन कार्रवाई नहीं
नाका में कार्रवाई के समय कई होटल और अवैध निर्माणों की भी चर्चा रही। जिन होटलों को तोड़ा जा रहा था, उसके सटे बगीचे के भू-उपयोग की जमीन पर शोरूम खोल दिए गए थे। एलडीए अब इन पर कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। इसके अलावा सामने की तरफ ही कई ऐसे होटल मौजूद थे, जिनके तोड़ने के आदेश एलडीए से हुए हैं। कार्रवाई की जगह उनमें उपयोग होने दिया गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अब फाइलें निकलवाने की बात कही है।
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होटल तोड़ते हुए - फोटो : अमर उजाला
हादसे ने पूरे लखनऊ को झकझोर डाला
19 जून 2018 को हुए दोनों होटलों में अग्निकांड ने पूरे लखनऊ को झकझोर दिया था। सात लोग होटलों के कमरों में धुएं की वजह से दम घुटने या जिंदा जलने से मर गए। मामले में 32 लोग दोषी पाए गए। इनमें एक आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी भी था। एडीजी पुलिस राजीव कृष्णा और एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह की जांच में सामने आया कि किसी ने भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। इसकी वजह से यह हादसा हुआ। एलडीए, लेसा, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग, आबकारी, अग्निशमन विभाग की भूमिका इसमें तय करते हुए दोषी पाया गया।
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कार्रवाई के दौरान अधिकारी मौजूद रहे - फोटो : अमर उजाला
हंगामा करने पहुंच गए भवन स्वामी
एलडीए ने जब निर्माण तोड़ने पहुंचा तो भवन स्वामी हंगामा करने पहुंच गए। मंडलायुक्त के यहां अपील करने से लेकर एलडीए के उच्च अधिकारियों के झूठे कार्रवाई रोकने को फोन तक करने के तर्क दिए गए। इसके बाद कुछ समय दिए जाने की मांग भवन स्वामी करने लगे। संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने इससे मना कर दिया। उनका कहना था कि हादसा होने के बाद भी एक साल का मौका पहले ही मिल चुका है। वहीं तोड़ने का आदेश छह साल पहले हुआ था। एलडीए इससे अधिक समय नहीं दे सकता है।
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होटल तोड़ते हुए - फोटो : अमर उजाला
कार्रवाई शुरू, तब हटा बिजली कनेक्शन
हादसे के बाद भी लेसा के अधिकारी सुधरने का काम नहीं ले रहे हैं। एक साल पहले आग के बाद भी होटलों को रिनोवेशन का मौका देने के लिए बिजली तक नहीं काटी गई। एलडीए जब बुधवार को बिल्डिंग तोड़ने पहुंचा तो इसके बाद लेसा की टीम मौके से ट्रांसफॉर्मर और मीटर हटाने के लिए पहुंची। एलडीए की कार्रवाई केबीच ही मीटर और ट्रांसफॉर्मर हटवाने का काम लेसा ने कराया।

 
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