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डॉक्टरों ने महिला के पेट से निकाला 11.5 किलो का ट्यूमर, करनी पड़ी काफी मशक्कत, देखकर हो गए हैरान

Fri, 03 May 2019 12:30 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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महिला के पेट से निकाले गए ट्यूमर के साथ डॉ अंजू कुमारी - फोटो : amar ujala
एसजीपीजीआई के चिकित्सकों ने एक 50 साल की महिला के पेट से साढ़े ग्यारह किलो का ट्यूमर निकाला है। समय रहते ट्यूमर निकल जाने से महिला की जान बच गई। चिकित्सकों का दावा है कि इतना बड़ा ट्यूमर पहली बार निकाला गया है। बिहार निवासी महिला (50) के दो बच्चे हैं। दोनों ऑपरेशन से पैदा हुए हैं। करीब 10 माह से उनका पेट लगातार फूल रहा था। स्थिति यह हो गई थी कि वह न तो चल पा रही थी और न ही बैठ पा रही थीं। दवा खाने पर भी आराम नहीं हुआ। कुछ दिन तक इधर-उधर की दवाएं खाती रही, लेकिन आराम नहीं मिला और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। वह दो सप्ताह पहले एसजीपीजीआई आईं। यहां जनरल हॉस्पिटल में डॉ. अंजू कुमारी रानी ने उनकी जांच कराई।
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ट्यूमर - फोटो : amar ujala
जांच में पता चला कि बच्चेदानी में बाएं अंडाशय की ओर ट्यूमर है। यह ट्यूमर इतना बढ़ गया है कि वह डायफ्राम पर दबाव डाल रहा है, जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसकेबाद एक मई को ऑपरेशन किया गया, जिसमें पेट से 11.5  किलो का ट्यूमर निकला। यह करीब 40 गुणा 35 सेंटीमीटर का था। ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति सामान्य हो गई है। यह ट्यूमर बाएं साइड था। ऐसे में दोनों अंडाशय सहित पूरी बच्चेदानी भी निकाल दी गई है। इसकी बायोप्सी भी कराई गई है। ऑपरेशन करने वाली टीम में डा. अंजू कुमारी रानी के साथ डॉ. दीपा कपूर, डॉ. प्रिया सिंह, डॉ. शालिनी अग्रवाल, एनेस्थिसिया से डॉ. आरती और डॉ. आकांक्षा भी शामिल रहीं।
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डॉ अंजू रानी - फोटो : amar ujala
ऑपरेशन में आईं दिक्कतें
डॉ. अंजू कुमारी रानी ने बताया कि महिला का दो बार ऑपरेशन किया गया था। यह ट्यूमर इतना पड़ा था कि डायफ्राम पर भी दबाव डालने लगा था। ऐसी स्थिति में प्लान किया गया कि प्रसव केदौरान जहां ऑपरेशन किया गया है, उसी स्थान को खोलने की योजना बनाई गई। इसमें सफलता मिली और उसी स्थान से इस ट्यूमर को निकाला गया। साइड बड़ा होने से बार-बार फिसल जा रहा था। ऐसे में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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डॉ अंजू रानी पेट से निकाले गए ट्यूमर के साथ - फोटो : amar ujala
पेट की सूजन बढ़े और सांस फूले तो डॉक्टर से मिलें
अचानक पेट में सूजन रहने लगे। दवा खाने के बाद कम होने के बजाए बढ़ती जाए और कठोरता लगे। साथ ही सांस लेने में भी दिक्कत हो तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। यह ट्यूमर भी हो सकता है। तत्काल प्रशिक्षित डॉक्टर को दिखाएं। डॉ. अंजू कुमारी रानी ने बताया कि महिलाओं में इस तरह की दिक्कतें ज्यादा होती हैं। खासतौर से युवावस्था में। कई केस ऐसे होते हैं कि वे गर्भावस्था मान बैठते हैं, लेकिन पेट में बच्चे के बजाए ट्यूमर होता है। समय से इलाज न होने पर जानलेवा भी साबित होता है।
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ट्यूमर - फोटो : amar ujala
पहली बार इतना बड़ा ट्यूमर
डॉ. अंजू कुमारी रानी ने बताया कि चार से पांच कि लो तक के ट्यूमर तो कई बार निकाले हैं, लेकिन 11.5 किलो का ट्यूमर अपने कार्यकाल में पहली बार निकाला है। पूरे चिकित्सकीय कॅरिअर में अभी तक इतना बड़ा ट्यूमर देखा भी नहीं था।
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