वहीं, मायावती ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर नागरिकता संशोधन कानून सहित कई मुद्दों पर अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि वह नागरिकता संशोधन कानून से सहमत नही हैं। बसपा शुरू से इसका विरोध कर रही है। सीएए पहली नजर में विभाजनकारी व असंवैधानिक है। इस्लाम को छोड़ अन्य धर्मों पर सीएए लागू करना ठीक नहीं है। पाकिस्तान में रहने वाले मुस्लिम भी शोषित-पीड़ित हो सकते हैं, किसी के भी साथ भी ज्यादती हो सकती है। केंद्र सरकार को संसद का सत्र बुलाकर इस पर पुनिर्वचार करना चाहिए।