हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार देश के कई राज्यों से जुड़ रहे हैं। यूपी के डीजीपी और एटीएस गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक के अधिकारियों व जांच एजेंसियों से लगातार संपर्क साधे हुए हैं। हत्याकांड से जुड़े एक संदिग्ध को महाराष्ट्र एटीएस ने नागपुर से गिरफ्तार किया है। उसे यूपी पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ला रही है।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड।
- फोटो : amar ujala
कई राज्यों तक फैले तार से यह आशंका प्रबल हो गई है कि देश में कोई नया संगठन पैर पसार चुका है, जिसके नेटवर्क का लाभ हत्या में शामिल लोगों को मिल रहा है। प्रदेश के आला अफसर भी अब इस संभावना को नहीं नकार रहे हैं कि वारदात के तार किसी पूर्व स्थापित संगठन से जुड़े हों।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अर्जुन साहू
ऐसे में जल्द ही इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को संदर्भित किए जाने की संभावना बन गई है। सोमवार को कमलेश हत्याकांड के आतंकी वारदात होने के सवाल पर डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने भी कहा कि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।गुजरात एटीएस ने अक्तूबर 2017 में आतंकी संगठन आईएसआईएस के संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में ही आतंकियों द्वारा कमलेश की हत्या की साजिश की बात सामने आई थी।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
कमलेश हत्याकांड में मिठाई के डिब्बे सूरत से खरीदे जाने की बात सामने आई तो इसके तार आईएसआईएस से जुड़े होने की चर्चा जोरों पर थी, पर उच्च्च अफसरों ने इस अंदेशो को नकार दिया था। अब हत्याकांड के तार अन्य राज्यों से जुड़ने के बाद इतना तो साफ हो गया है कि हत्यारों व साजिश में शामिल लोगों को अलग-अलग जगहों से मदद मिल रही थी।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के फरार आरोपियों को हर जगह से मिल रही मदद
जांच में सामने आ चुका है कि फरार आरोपी पठान मोइनुद्दीन अहमद व शेख अशफाक हुसैन जहां भी गए, वहां स्थानीय स्तर पर उन्हें मदद मिली है। ऐसे ही इसकी साजिश से जुड़े पाए जा रहे अन्य लोगों के विभिन्न राज्यों में संपर्क होने की बात भी पुष्ट हो चुकी है।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड।
- फोटो : amar ujala
इन जानकारियों पर यूपी एटीएस ने अन्य राज्यों की एटीएस से संपर्क बनाया हुआ है और इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश हो रही है। विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों की पड़ताल भी इस पूरे मामले के पीछे किसी संगठन का हाथ होने की दिशा में बढ़ रही हैं। एटीएस कुछ पुराने माड्यूल्स पर भी नजर रखे हुए है।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : ani
गुजरात के सूरत से मिठाई खरीदी गई। हत्यारोपी उसी मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर कमलेश के दफ्तर पहुंचे और हत्या की। सूरत से ही साजिशकर्ताओं फैजान, मौलाना मोहसिन शेख व रशीद अहमद पठान को गिरफ्तार किया गया।
लखीमपुर के पलिया से किराये पर इनोवा कार बुक की गई। फरार हत्यारोपी उसी से शाहजहांपुर पहुंचे।
चर्चा है कि आरोपियों के मददगार बरेली में भी हैं, क्योंकि जब वे वहां पहुंचे तो उन्हें इलाज में मदद पहुंचाई गई।
कमलेश की हत्या से जुड़े एक संदिग्ध सैयद आसिम अली को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। महाराष्ट्र एटीएस ने बताया कि उसकी हत्याकांड में महत्वपूर्ण भूमिका थी। वह हत्यारोपियों से लगातार चर्चा में था। यूपी एटीएस सोमवार को उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लखनऊ ला रही है।
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dgp
- फोटो : ani
दोनों आरोपियों पर ढाई-ढाई लाख का इनाम
लखनऊ। कमलेश के हत्यारों पर डीजीपी ओपी सिंह ने ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। डीजीपी ने सोमवार को कहा कि इस हत्याकांड में पुलिस और एसआईटी छोटी-छोटी चीजों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। कई गोपनीय जानकारी मिली है, जिसे साझा नहीं किया जा सकता।
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- फोटो : ani
शाहजहांपुर में दिखे आरोपी, नेपाल भागने की फिराक में थे, बॉर्डर पर चौकसी देख लौटे
कमलेश के संदिग्ध हत्यारे रविवार रात शाहजहांपुर में दिखाई दिए। इसके बाद यहां पहुंची एसटीएफ और एटीएस ने संदिग्धों की तलाश में होटलों और मदरसों के मुसाफिरखानों में ताबड़तोड़ छापे मारे। दोनों संदिग्ध लखीमपुर जिले के पलिया से किराये पर इनोवा बुक कर शाहजहांपुर पहुंचे थे। एसटीएफ ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। उसने बताया कि दोनों नेपाल बॉर्डर पार करना चाहते थे, लेकिन चौकसी देख शाहजहांपुर गए और टैक्सी छोड़ दी। जांच एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि आरोपी अभी शाहजहांपुर में ही छिपे हैं या कहीं और भाग निकले हैं।
कमलेश के कातिल : मोइनुद्दीन और अशफाक
- फोटो : amar ujala
सरेंडर के लिए ठाकुरगंज के वकील से किया संपर्क
अशफाक व मोइनुद्दीन ने ठाकुरगंज के एक वकील को फोन कर कोर्ट में सरेंडर करने के बारे में बातचीत की। वकील ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। जिस मोबाइल नंबर से फोन आया था, वह लखीमपुर के पलिया के टैक्सी चालक का था। आरोपियों ने उससे मोबाइल मांगकर फोन किया था।