रात देर तक जागना, सुबह देर तक सोना और फिर देर से खाना और सही डाइट का न लेना....। यदि आपकी उम्र 14 से 25 वर्ष तक के बीच है और आप भी इन्हीं गलत आदतों की शिकार हैं तो अलर्ट हो जाएं। शहर की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों ने ओपीडी में आने वाली मरीजों में किशोरियां व युवा होती लड़कियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। इनका कहना है कि ये समस्या तो कुछ और लेकर आती हैं, पर तह में जाने पर कारण बेतरतीब जीवनशैली निकल रही है। इसमें दो बातें सबसे खतरनाक हैं, एक तो बेवक्त व गलत खाना और दूसरा बढ़ता आलस व कसरत से दूरी।
एक महीना, एक ओपीडी और 40-50 ऐसे मरीजों का औसत
लोकबंधु अस्तपाल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन मिश्रा कहती हैं कि ओपीडी की बात करें तो एक महीने में 50 ऐसी किशोरियां व युवा लड़कियां आती हैं, जिनकी बीमारी की वजह उनका बढ़ता वजन निकलता है। वहीं, क्वीन मेरी अस्पताल की गायनाकोलॉजिस्ट और किशोरी केन्द्र की नोडल प्रभारी डॉ. सुजाता देव कहती हैं कि एक महीने की ओपीडी में 40-45 के बीच ऐसी लड़कियां आ रही हैं, जो अनियमित मासिक चक्र, सिस्ट, थाइराइड की शिकार हैं।