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बैंड-बाजा बारात पर एक हफ्ते बाद लगेगा ब्रेक, आगे शुभ मुहूर्त की ये हैं तारीखें

Sun, 06 May 2018 02:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो
 हफ्ते भर बाद एक महीने के लिए बैंड-बाजा, बारात रुकने जा रहा है। 16 मई से शुरू होने जा रहे अधिमास के चलते वैवाहिक लग्नें थमेंगी। आगे के सहालग की डेट जानने के लिए अगली स्लाइड पर क्लिक करें।
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डेमो - फोटो : डेंमो
इसके बाद जून के दूसरे पखवाड़े से बारातों की धूम फिर से मचेगी। इस बार शुरू हुआ सहालग का दौर जुलाई तक चलेगा। इस दौरान करीब 15 श्रेष्ठ लग्नें मिलेंगी। फिर हरिशनी एकादशी के बाद यह दौर ऐसा रुकेगा कि जाड़ों में सहालगों का टोटा रहेगा। दिसंबर में एक-दो लग्नों के अलावा माह सूना ही रहेगा।
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डेमो - फोटो : डेंमो
 गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप के मुताबिक 16 मई से 13 जून तक चलने वाले अधिक ज्येष्ठ मास के चलते भी इस बार सहालग कम हुई हैं। इस दौरान विवाह आदि कार्य नहीं हो सकेंगे। 13 मई की सुबह 11 बजे तक ही मुहूर्त हैं। इसके बाद माससांत दोष रहेगा, जिससे लग्नें नहीं रहेंगी। 16 मई से 13 जून तक अधिक ज्येष्ठ मास में लग्नें नहीं रहेंगी। इसके बाद 13 से 17 जून तक नक्षत्र न होने, चंद्रमा सही स्थिति में न होने से भी मुहूर्त नहीं मिलेंगे। फिर 18 जून से ही मुहूर्त मिलेगा। 

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डेमो - फोटो : डेमो
बची हुई सहालग
मई -- 5, 6, 11 और 12 मई।
जून -- 18, 19, 20, 21, 23, 25, 27, 29 और 30 जून।
जुलाई -- 5, 6, 9, 10, 11 और 16 जुलाई। 
दिसंबर -- 10, 15 और 16 दिसंबर। 
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- फोटो : डेमो
नवंबर-दिसंबर में इसीलिए भी सहालगों का टोटा
आचार्य प्रदीप के मुताबिक वर्ष 2018 में गुरु की स्थिति बदलने, अधिमास आने, गुरु के अस्त होने, चातुर्मास तथा धनुर्मास आने से विवाह के मुहूर्त काफी कम मिल रहे हैं। 16 मई से 13 जून तक अधिक ज्येष्ठ मास के चलते, 23 जुलाई 2018 आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन देवशयनी एकादशी होने से चातुर्मास के चलते लग्नें कम पड़ेंगी। देवताओं का शयन 19 नवंबर तक चलेगा। इस कारण इन चार महीनों में विवाह नहीं हो सकेंगे। इस बीच 13-14 नवंबर से 8 दिसंबर तक गुरु अस्त रहेंगे, जिसके चलते भी शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे। इसके बाद 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा तो लग्न न होने से विवाह नहीं हो सकेंगे। गुरु उदय होने और खरमास शुरू होने के दौरान गिनी-चुनी लग्नें ही मिलेंगी। 
 
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