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किसी ने बाल कटाए तो किसी ने खेला क्रिकेट, यूं बीता चुनाव बाद प्रत्याशियों का दिन

Wed, 22 Feb 2017 01:10 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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प्रत्याश‌ियों का पहला द‌िन - फोटो : amar ujala
विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान होने के बाद राजधानी की सभी नौ विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली। पिछले दो महीने से चुनाव प्रचार और जीत दर्ज करने की होड़ में लगे प्रत्याशियों ने सोमवार को आम शहरी की तरह दिन बिताया। किसी ने बच्चों और परिवार संग मौज-मस्ती की तो कोई देर तक नींद की आगोश में डूबा रहा। कोई चौथे चरण के चुनाव में अपनी पार्टी के प्रचार के लिए दूसरे शहर को निकल पड़ा, तो कुछ प्रत्याशी अपने रिश्तेदारों और समर्थकों के साथ हार-जीत का गणित लगाते रहे। कभी इसकी ‌च‌िंता तो कभी उसकी...। कभी ये समीकरण तो कभी वो गुणा भाग...। इन सबके बीच छूट गया था वो प‌र‌िवार के साथ चाय की चुस्की-- और गप्पे लड़ाना। वो मनपसंद खाना.. वो सुकूं से बोलना -ब‌‌त‌ियाना--। चुनाव बीता तो ‌ज‌िंदगी फ‌िर ढर्रे पर लौटने लगी। जी हां बात कर रहे चुनावी समर के योद्धाओं की। कैसा बीता चुनाव के बाद का पहला ‌द‌िन यही हमने जानने की कोश‌िश की । कोई लकदावा ( दाल ज‌िसमें लौकी पड़ी हौ) खाकर खुश द‌िखा तो कोई प‌र‌िवार के साथ चाय की चुस्की लेकर। कोई क्रिकेट खेला तो क‌िसी ने बच्चों संग मस्ती की । अमर उजाला ने सभी नौ विधानसभा सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशियों से जाना कि सियासी महासंग्राम के बाद वे कैसा महसूस कर रहे है और कैसे चुनावी थकान उतारी। पेश है रिपोर्ट....
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आशुतोष टंडन - फोटो : amar ujala
कार्यकर्ताओं और परिवार के बीच बीता दिन
- आशुतोष टंडन, भाजपा पूरब 
मतदान के बाद सोमवार का दिन कार्यकर्ताओं और परिवार के बीच बिताया। सुबह आठ बजे प्रचार और जनसंपर्क पर निकलने के लिए उन्हें साढ़े छह बजे तक उठना होता था। यह सिलसिला पिछले काफी समय से चल रहा था, लेकिन सोमवार को देर से उठे। इसके बाद काफी समय से निर्माणाधीन कोणेश्वर महादेव मंदिर का कामकाज देखने पहुंचे। मैं मंदिर समिति का अध्यक्ष हूं। मंदिर का काम देखने के बाद कार्यालय पहुंच गया। वहां पहले से ही राह देख रहे कार्यकर्ताओं को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और तहरी बनवाकर उनके साथ ही भोजन किया। शाम चार बजे वे घर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा समय परिवार के साथ बिताया। 
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अनुराग भदौ‌र‌िया - फोटो : amar ujala
महीनों बाद खेली बच्चों साथ क्रिकेट
- अनुराग भदौरिया, कांग्रेस, पूरब 
चुनाव प्रचार के चलते पिछले काफी दिनों से सुबह पांच बजे उठकर घर से निकल जाना ही दिनचर्या बन गई थी, जिसे सोमवार को बिल्कुल बदल दिया। मतदान के बाद रात को जल्द सोने चला गया और सुबह आराम से उठा। बच्चों के साथ खूब मस्ती की और क्रिकेट खेली। इस खेल में छह साल के बेटे अथर्व और ढाई साल के अनाया के अलावा पत्नी अनुपमा राग भी शामिल रहीं। काफी दिनों बाद समय मिला है इसलिए पूरा समय अपने परिवार के साथ बिताया। सुबह नाश्ते से शुरू हुआ सिलसिला दोपहर खाने और क्रिकेट खेलने तक चलता रहा। इसके बाद मंगलवार को फिर से पुराने ढर्रे पर लौटेंगे।

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अपर्णा यादव - फोटो : amar ujala
धूमधाम से मनाया बेटी प्रथमा का बर्थ-डे
अपर्णा यादव, सपा, कैंट
चुनावी जनसभा और जन संपर्क के बीच परिवार और बेटी को समय ही नहीं दे पा रही थी। अब मतदान होने के बाद राहत मिली है। मतदान के दिन शाम पांच बजे के बाद समर्थकों के साथ कुछ घंटे चर्चा कर परिवार संग कुछ समय बिताया और इसके बाद थकान मिटाने के लिए सो गई। सुबह उठी तो बेटी के साथ खेलकूद और लाड प्यार में लग गई। सोमवार को बेटी प्रथमा का बर्थ-डे था तो सुबह से ही उसकी तैयारी में लग गई। अच्छा हुआ बेटी के बर्थ से पहले चुनाव खत्म हो गया। नहीं तो उसे शिकायत रहती कि मेरा बर्थ डे ही नहीं मनाया। बेटी के बर्थ-डे पर पूरा परिवार इकट्ठा हुआ और खूब मौज-मस्ती की। कई दिनों से चली आ रही थकान मिट गई। तीसरे चरण का चुनाव खत्म होने के बाद भी पार्टी की जीत के लिए लोगों से जुड़ाव का सिलसिला जारी रहेगा। 
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अम्बरीश पुष्कर - फोटो : amar ujala
आराम से सोया, महीने भर बाद बाल कटाया
अम्बरीश पुष्कर, सपा         
चुनाव की गहमागहमी में रोज सुबह सोकर जल्दी उठना पड़ता था। देर से सोने को मिलता। पर आज (सोमवार को) ऐसा कुछ नहीं था। सुबह 7 बजे बिस्तर छोड़ा। सबसे पहले बच्चों से मिला। इसके बाद लखनऊ वाले घर से मोहनलालगंज घर को रवाना हुआ। एक महीने बाद बाल कटाया। फुर्सत ही नहीं मिलती थी। इस सबके बाद तैयार होकर मुलाकात करने आए कार्यकर्ताओं व साथियों के साथ बैठकर चुनावी चर्चा की। फोन पर सहयोग करने वाले साथी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। चुनाव के तनाव व भाग दौड़ के बाद आज का दिन काफी तनाव मुक्त रहा। पेशे से वकील हूं...तहसील गया, सारा दिन अपने चैंबर में बिताया। 
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आर के चौधरी - फोटो : amar ujala
चर्चाओं में बीता द‌िन, जाना हाल
आरके चौधरी, भाजपा समर्थित 
 लखनऊ में अपने घर पर रोज की तरह जल्दी ही सोकर उठा। नहाने के बाद मुलाकात करने आए लोगों से बातचीत की। लोगों को सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया। आराम से चाय-नाश्ता करने के बाद साथियों को फोन कर उनका हाल-चाल लिया। इलाके के लोगों से चुनाव के संबंध में जानकारी ली व चुनावी गणित पर चर्चा की। इसी बीच मोहनलालगंज में अलग-अलग जगहों से चार लोगों की मौत का समाचार मिलने पर उनके परिवारों से मिलने चला गया। उन्हें सांत्वना देने के बाद ‌फ‌िर लोगों से म‌िलना जुलना शुरू हो गया।
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स्वा‌त‌ि स‌िंह - फोटो : amar ujala
बच्चों संग की खूब बातें और हजरतगंज की सैर
- स्वाति सिंह, भाजपा, सरोजनीनगर
चुनावी जनसभा और प्रचार प्रसार की वजह से बच्चों से दूरी हो गई थी। हालांकि मम्मी आशा सिंह और पापा वीके  सिंह ने पूरा खयाल रखा और मेरा सहयोग किया। पति दयाशंकर सिंह ने पूरे चुनावी कार्यक्रम को आसान कर दिया। रविवार को चुनाव खत्म होने के बाद कुछ वक्त बच्चों और परिवार संग गुजरा इसके बाद थकावट ने आराम के लिए मजबूर कर दिया। सोमवार सुबह नींद टूटी तो पार्टी कार्यालय और प्रेस कॉन्फ्रेंस से पूरा दिन कट गया। शाम को समय निकालकर बेटी अक्षिता और बेटे अक्षत संग हजरतगंज घूमने गए, जिससे चुनाव की वजह से बनी दूरी कम हो सके। आज बच्चे काफी खुश थे ‌क‌ि मम्मी के साथ खूब समय ब‌िताया।

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रीता जोशी - फोटो : amar ujala
घर का काम किया और फिर इलाहाबाद रवाना
- रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा, कैंट
दो महीने इतना व्यस्त रहे कि घर-परिवार की सुध ही नहीं रही। मतदान के बाद राहत की सांस ली और रात नौ बजे ही सोने चली गई। सुबह छह बजे उठने के बाद सबसे पहले पिछले चार दिन का अखबार पढ़ा। तीन कप चाय पी। चाय पीने के बाद अपने छोटे से घर को देखा और किचन की साफ-सफाई में जुट गई। इसके बाद घर में लगे फ्लॉवर पॉट के फूलों को बदला। इस दौरान घर पर आए कुछ लोगों से मुलाकात की। पोती के साथ घर में कुछ समय बिताया और उसे लाड प्यार दिया और बहू से आराम से बात की। नाश्ता करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ इलाहाबाद के लिए रवाना हो गई। बीच रास्ते में ढाबे पर खाना खाकर इलाहाबाद की ओर बढ़ गए। मंगलवार को पीएम की रैली की तैयारियों में लगे हुए हैं। चुनाव तक व्यस्तता रहेगी क्योंकि खुद की जीत के साथ पार्टी की जीत ही सबसे बड़ी खुशी है।

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रव‌िदास मेहरोत्रा - फोटो : amar ujala
‘जनसंपर्कों में दिन-रात जुटी रही मां, अब रोज करूंगा सेवा’
- रविदास मेहरोत्रा, मंत्री व सपा प्रत्याशी
‘मां के पैरों में दर्द रहता था, फिर भी मेरी जीत की उम्मीद में दिन-रात कैम्पेनिंग की। कार्यकर्ताओं में जोश भरती रही और मुझे हौसला बंधाती रही। चुनाव के दौरान तमाम उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मां ने साथ नहीं छोड़ा। हमेशा मुझे हिम्मत बंधाई...। अब लखनऊ में वोटिंग हो गई है। इसलिए मां की खूब सेवा करूंगा...।’ मतदान के बाद सोमवार को 5ए मॉल एवेन्यू स्थित अपने आवास पर परिजनों के साथ मखमली धूप में खुशमिजाजी के पल बिताये। चुनाव के दौरान रोजाना 18 से 20 घंटे जनसंपर्क, सभाओं व कार्यकर्ताओं के बीच बीत रहा था। महज दो से तीन घंटे की ही नींद ले पा रहा था। इसलिए सोमवार को नींद पूरी की। हालांकि, सुबह समय पर ही उठा। जॉगिंग की। पोती पोर्वी के साथ खूब खेला, उसके साथ समय बिताया और फिर बागवानी की। अब थोड़ा आराम करने के बाद फिर से पार्टी और जनसेवा में जुटना है। वहीं, मां कृष्णा मेहरोत्रा ने कहा कि बेटे की जीत से बढ़कर मां के लिए और क्या होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि बेटा जरूर जीतेगा। वहीं, बहू साक्षी मेहरोत्रा व बेटी शताक्षी ने बताया कि पापाजी की मेहनत जरूर रंग लाएगी। वह आम लोगों के नेता हैं, उनकी जीत तय है। 

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ब्रजेश पाठक - फोटो : amar ujala
‘बच्चों की मुस्कुराहट से मिट गई थकान’
- ब्रजेश पाठक, भाजपा 
चुनाव को लेकर पिछले कई महीनों से जो तैयारियां चल रही थीं, उससे बदन दर्द से टूट गया था। आंखों के नीचे रेखाएं उभरने लगी थीं। लेकिन बच्चों की मुस्कुराहट से सारी थकान मिट जाती थी। मन में कोफ्त थी कि चुनाव के दौरान फैमिली को टाइम नहीं दे पा रहा हूं, इसलिए सोमवार को वोटिंग सम्पन्न होने के बाद पहले भरपूर नींद ली, फिर फैमिली के साथ समय व्यतीत किया। हालांकि, कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा, इसलिए आगे की रणनीतियां भी तय करता रहा। चुनाव के दौरान सुबह चार बजे उठकर पूजा-पाठ और छह बजे से चुनाव की तैयारियां। डोर-टू-डोर जनसंपर्क पर विशेष फोकस था। अब चूंकि, चुनाव हो गया है। पर, ऐसा नहीं है कि शांत बैठ जाऊंगा। रिजल्ट और उसके बाद की योजनाएं तैयार कर रहा हूं। हां, यह सही है कि सोने के लिए समय नहीं मिल पाता था, इसलिए अब पूरी नींद लूंगा और फैमिली को टाइम दूंगा। पत्नी नम्रता पाठक ने कहा कि मैंने सिर्फ पत्नी होने का धर्म निभाया। चुनाव में हरसंभव मदद की और अब उनकी सेहत का ख्याल रखना भी मेरी जिम्मेदारी है। वहीं, बेटी शाम्भवी व बेटे आर्यमन ने कहा कि पापा को चुनाव से फुर्सत मिल गई, अब उनसे ढेर सारी बातें हो सकेंगी। सोमवार को पापा ने खूब टाइम हमारे साथ बिताया।

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पर‌िवार के साथ मारूफ खान
दिल ढूंढ़ता है फिर वही फुर्सत के रात-दिन...’
- मारुफ खान, कांग्रेस, 
मेरे लिए बहुत उतार-चढ़ाव भरा रहा है यह चुनाव। जब अपने धोखा देते हैं तो दिल टूट जाता है, लेकिन मेरे परिवार ने साथ नहीं छोड़ा। हिम्मत बंधाए रखी। अब चूंकि चुनाव हो गया है, इसलिए फुर्सत के पल बहुत हैं। जमकर गाने सुनूंगा और किताबें पढ़ूंगा। क्योंकि, किताबों से मुझे आत्मिक शांति व संतुष्टि मिलती है। मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार टूड़ियागंज निवासी मारुफ खान ने सोमवार को ‘सुख, शांति और संतुष्टि’ किताब पढ़ते हुए कुछ इसी अंदाज में अपनी दिल की बात सामने रखी। वोटिंग हो चुकी है, लिहाजा मारुफ फैमिली के साथ वक्त बिता रहे थे। उन्होंने बताया कि गाना सुने हुए बहुत वक्त बीत गया, इसलिए दिलकश नगमे व गजलें सुनूंगा और किताबें पढ़ूंगा, ताकि आत्मिक बल मिलता रहे। पत्नी फौजिया ने बताया कि इतना सबकुछ होने के बाद भी शौहर ने हिम्मत नहीं हारी, यह मेरे लिए भी प्रेरणादायक है। मारुफ ने बताया कि जब भी मायूस होता तो बेटियों के चेहरे देख लेता, जिससे ऊर्जा का संचार हो जाता। चुनाव के बाद बेटियों को खूब वक्त दूंगा। उनकी सुनूंगा, अपनी सुनाऊंगा और ढेर सारी बातें करूंगा। बेटियों मेहसर, युसैरा, बुशरा व हफ्सा ने कहा कि अब्बू उनकी हिम्मत हैं। उनका चुनाव जीतना तय है। 
 

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नीरज बोरा - फोटो : amar ujala
पूरी नींद ली और घर में बिताया दिन
नीरज बोरा, भाजपा, उत्तर
लगभग दो महीने बाद भरपूर नींद ली। सोमवार सुबह 7 बजे उठा और डाई लगवाई। बेटियों कनुप्रिया ‘बड़ी’ शिवांगी ‘छोटी’ ने उन्हें फेश पैक भी लगाया। अर्से बाद पूरे परिवार ने साथ बैठकर नाश्ता किया। इस बीच कुछ पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से बात की। उन्होंने बताया कि दो महीने में पांच किलो वजन कम हो गया है। दोपहर का भोजन भी परिवार के साथ किया। छोटी बेटी शिवांगी को शाम को शहर से बाहर जाना था इसलिए दिनभर बाहर नहीं गए। मनीपाल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रही शिवांगी नीरज बोरा के भाषण तैयार करती थी। मां बिंदू बोरा महिलाओं से जनसंपर्क करती थी। बड़ी बेटी कनुप्रिया सोशल मीडिया का पूरा काम देखती थी। भाषण और प्रचार के छोटे-छोटे वीडियो फुटेज अपलोड करती थी। आज पूरे परिवार ने फुर्सत में एक साथ बैठकर पिछले दो महीने की चर्चा की और एंजॉय भी किया। बिंदू बोरा ने बताया कि इन दो महीने वह खुद भी चुनाव ही लड़ रही थी। शायद ही किसी दिन उन लोगों ने दिन का खाना खाया हो और रात में भी एक-दो बजते थे। सारी चीजों को मैनेज करना किसी एक के बस में नहीं था, इसलिए सभी लगे थे। आज काफी दिनों बाद सुकून से साथ बैठने और भरपेट खाने का मौका मिला है।
 

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अजय श्रीवास्तव - फोटो : amar ujala
तीन महीने बाद खाने को म‌िली मनपसंद लौकी की दाल
अजय श्रीवास्तव, बसपा
मतदान के बाद सोमवार को भी अजय श्रीवास्तव चुनाव समीक्षा और कार्यकर्ताओं, मतदाताओं के बीच ही व्यस्त रहे। दोपहर में थोड़ा समय परिवार वालों के साथ बिताया और साथ दाल-चावल खाया। बताया कि मुझे लौकी पड़ी दाल बहुत पसंद है, आज तीन महीने बाद खाने को मिली। सुबह 6 बजे एक कार्यकर्ता के फोन पर ही जगे। कई समर्थकों ने फोन पर जीतने की बधाई भी दी। जल्दी ही तैयार होकर 9 बजे कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। कुछ को ईवीएम की मॉनीटरिंग के लिए भेजा। हर पोलिंग स्टेशन इंचार्ज से मतदान से संबंधित रिपोर्ट मांगी। दोपहर में खाना खाने घर पहुंचे तो बड़ा बेटा शुभ, छोटा स्वास्तिक कॉपी-किताब लेकर आ गए। आज अर्से बाद सभी ने साथ खाना खाया। इसके बाद फिर सभी को धन्यवाद मैसेज करने में लग गया। पत्नी अन्नू श्रीवास्तव ने बताया कि मैं महिलाओं के बीच जाकर प्रचार करती थी और इनकी सेहत का ध्यान रखती थी। अजय शाम को भी ऑफिस पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ मतदान पर चर्चा की।
 
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अभ‌िषेक म‌िश्रा - फोटो : amar ujala
मीटिंग, लोगों से मिलने में बीता पूरा दिन
- अभिषेक मिश्रा, सपा, उत्तर 
विधानसभा क्षेत्र उत्तर के सपा प्रत्याशी अभिषेक मिश्रा मतदान के बाद भी सोमवार को पूरा दिन कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा और समर्थकों से मिलने में ही व्यस्त रहे। उन्होंने बताया कि सुबह थोड़ी देर से उठे, लेकिन तुरंत ही तैयार होकर निकल पड़े। पीली कोठी में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर मतदान की स्थितियों की जानकारी ली। इसके बाद कुछ लोगों से मिलकर उन्हें धन्यवाद दिया। लगातार फोन पर भी कार्यकर्ताओं से बातचीत होती रही। उन्होंने बताया कि शाम को थोड़ी देर के लिए घर गया। फिर एक शादी समारोह में शामिल हुआ। यहां से निकलकर एक बर्थ-डे पार्टी में शरीक हुआ। फिर एक परिवार में शोक संवेदना व्यक्त करने गया। देर रात तक समर्थकों के साथ ही बीत गया। अभिषेक ने बताया कि आज भी परिवार को पूरा समय नहीं दे पाया। उन्होंने कहा कि समर्थक और कार्यकर्ता भी परिवार ही हैं।
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