हम श्मशान घाट पहुंचे तो भारी भीड़ थी। शव को नीचे उतारा और लकड़ी खरीदने पहुंच गए। कुल तीन क्विंटल लकड़ी लगनी थी। विक्रेता ने 3000 रुपये मांगे, जो लिस्ट में तय रेट से ज्यादा था। दोस्त ने एतराज करते हुए बोर्ड पर लगे नंबर पर शिकायत करने की बात कही। विक्रेता ने कहा, बिल्कुल शिकायत करिये, लेकिन उधर जो नीम का पेड़ दिख रहा है वहां जाकर नंबर मिलाओ, पीछे वालों को आगे आने दो। हमारे पीछे जो लोग लकड़ी लेने के लिए खड़े थे, उन्होंने किना बहस 3000 रुपये दे दिए।