फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डायबिटीज पर करना है कंट्रोल, तो जरूर करें इस तरह के व्यायाम

विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डायबिटीज का नाम जितना खतरनाक है उतना ही आसान है प्रायमरी लेवल पर इसको कंट्रोल करना। डायबिटीज के मामलों में डॉक्टर सबसे पहले यही बात कहते हैं कि अगर शुरुआत से ही थोड़ा सा प्रयास करेंगे और रेग्युलर रूटीन रखेंगे तो आप आसानी के साथ डायबीटीज़ होते हुए भी सामान्य जीवन जी सकेंगे। डायबिटीज का मतलब सामान्य जीवन का अंत नहीं है। बल्कि कितने ही ऐसे लोग भी हैं दुनिया में जिन्होंने पहली बार ब्लड शुगर बढ़ने का इंडिकेशन देखते ही इसे कंट्रोल करने की दिशा में कदम बढ़ाया और आज वे कई ऐसे लोगों से ज्यादा फिट हैं जिन्हें डायबिटीज नही है। दुनियाभर में आज डायबिटीज बहुत बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (आईडीएफ) के 2020 के आंकड़ों के अनुसार विश्व भर में 463 मिलियन लोग डायबिटीज के शिकंजे में आ चुके हैं। इसमें से 77 मिलियन लोग अकेले भारत में मौजूद हैं और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसलिए जरूरी है कि हम आज से ही इसके नियंत्रण की दिशा में कदम उठाना शुरू करें और एक्सरसाइज इसके लिए बहुत असरदार तरीका है। 
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एक्सरसाइज का मतलब जिम या कोई फिटनेस क्लास ज्वाइन करना ही नहीं है। यदि आप कोई क्लास ज्वाइन नहीं भी कर पा रहे हैं तो घर पर ही कम से कम ब्रिस्क वॉक, डांस, एरोबिक्स या योगा करें। सूर्य नमस्कार, तितली आसन आदि जैसे योगासन काफी फायदेमंद हो सकते हैं। हां लेकिन इन्हें करने का सही तरीका आपको मालूम होना चाहिए। खास बात यह कि आपकी कोई भी एक्सरसाइज नियमित और कम से कम 1 घंटे की होनी चाहिए। आप इसे सुबह शाम आधा-आधा घंटे में बांटकर भी कर सकते हैं। 
विज्ञापन

3 of 6
Morning walk - फोटो : PTI
घर का रेगुलर काम एक्सरसाइज की श्रेणी में नहीं आता। फिर चाहे आप सुबह से रात तक काम मे व्यस्त होते हों। ओवर एक्जर्शन से आपको अतिरिक्त थकान, कमजोरी जरूर हो सकती है। लेकिन एक्सरसाइज वाला फायदा इससे नहीं मिलेगा। अक्सर महिलाएं यही सोचकर अलग से एक्सरसाइज नही करतीं और डायबिटीज को कंट्रोल नहीं कर पातीं। शोध कहते हैं कि डायबिटीज का खतरा पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं एक्सरसाइज के लिए वक्त निकालें। 

4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आप कॉम्बिनेशन एक्सरसाइज भी चुन सकते हैं। जैसे एरोबिक्स और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग को कम्बाइंड करके अपनाना। इसके साथ कुछ योग आसान भी जोड़ सकते हैं। ये आपके शरीर को किसी एक कम्फर्ट जोन में जाने से रोकेंगे और आपको अधिक फायदा मिल सकेगा। यही नहीं एरोबिक्स और रजिस्टेंस ट्रेनिंग उन लोगों में भी इन्सुलिन रजिस्टेंस को कम करने में मदद कर सकती हैं जिनमें पेट पर चढ़े मोटापे की वजह से डायबिटीज होने की आशंका अधिक होती है। 
विज्ञापन

5 of 6
morning walk - फोटो : pixabay
-शोध बताते हैं कि वे डायबिटिक लोग जो हफ्ते में कम से कम 2 घंटे ब्रिस्क वॉक करते हैं उनमें हृदय रोगों से जान जाने का खतरा उन लोगों की तुलना में कम हो जाता है जो सेडेंटरी लाइफस्टाइल (एक जगह बैठे रहने वाली जीवनशैली) जीते हैं। यही नहीं जो लोग हफ्ते में कम से कम 3-4 घंटे एक्सरसाइज करते हैं उनमें यह खतरा और भी कम हो जाता है। 

-अगर आप ब्रिस्क वॉक या दौड़ना शुरू कर रहे हैं तो कोशिश करें कि यह सुबह और शाम को करें। ऐसी जगह चुनें जहां ताजी हवा भरपूर मात्रा में मिले। साथ ही शुरुआत 5 मिनिट से करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
-अपने फुटवेयर और कपड़ों पर भी जरूर ध्यान दें। डायबिटिक लोगों को स्किन और पैरों में इंफेक्शन जल्दी होता है और ध्यान न देने पर यह गम्भीर भी हो सकता है। इसलिए एक्सरसाइज के लिए उपयोग में लाये जाने वाले फुटवेयर और ड्रेस आरामदायक, पसीना सोखने वाले और हवा को शरीर तक पहुंचने देने वाले हों यह जरूरी है। इनकी सफाई भी नियमित करें।

-अगर आप इन्सुलिन का प्रयोग करते हैं तो एक्सरसाइज से पहले शुगर जरूर चैक करें। अगर इसका लेवल 100 mg/dl से कम है तो फल का एक टुकड़ा या थोड़ी सी मात्रा में कोई नाश्ता करने के बाद ही एक्सरसाइज करें। 

- यदि ब्लड शुगर का स्तर कम-ज्यादा हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लिए बिना एक्सरसाइज न करें ।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें