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कोरोना की तीसरी लहर: श्वसन तंत्र को क्षति पहुंचाता है संक्रमण, इन योगासनों से फेफड़ों को बनाइए मजबूत

Thu, 05 Aug 2021 01:59 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना से फेफड़ों को खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दुनियाभर में तीसरी लहर की चर्चा तेज हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चूंकि कोरोना का वायरस फेफड़ों को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है, ऐसे में हमें अभी से ऐसे उपायों को करना शुरू कर देना चाहिए जो फेफड़ों को मजबूत बनाने में मददगार हों। योग के माध्यम से फेफड़ों को मजबूत बनाना आसान माना जा सकता है। डॉक्टर कहते हैं, कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर रखना सबसे प्रचलित उपाय है, हालांकि इसके साथ आपको फेफड़ों को मजबूत बनाने के बारे में भी उपाय करते रहना चाहिए। 
फेफड़े की हड्डियों और डायाफ्राम के आसपास की मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने के लिए सांस वाले योगासन आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकते हैं। ऐसे योग फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करने के साथ कोरोनावायरस की जटिलताओं और जोखिम को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं। सांस वाले यह योग, दिमाग को शांत करने, ऊर्जा को संतुलित करने, मूड को स्थिर करने के साथ एकाग्रता के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करते हैं। आइए आगे की स्लाइड में ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं, जिनका नियमित रूप से अभ्यास करके आप कोरोना के गंभीर खतरे से खुद को बचा सकते हैं। 
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प्रणायाम से मिलती है शरीर को शक्ति - फोटो : Pixabay
प्राणायाम
प्राणायाम को फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वसन क्रिया में प्रयुक्त नसों को आराम देने वाले सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस आसन को खाली पेट करने की सलाह देते हैं। प्राणायाम करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। शरीर को एकदम सीधा रखें। अब गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। रोजाना कम से कम 10 मिनट तक इस व्यायाम को जरूर करना चाहिए।
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अनुलोम विलोम व्यायाम फेफड़ों के लिए फायदेमंद - फोटो : istock
अनुलोम-विलोम
अनुलोम विलोम योगासान को फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालर उन्हें शुद्ध करने, फेफड़ों में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के साथ फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने में काफी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इस व्यायाम को करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और दाहिने अंगूठे को नाक के दाहिने छिद्र पर रखें। अब बाईं तरफ से गहरी सांस लें औऱ दाहिनी ओर से छोड़ें। इसी तरह से नाक की दूसरी तरफ से भी सांस लें और छोड़ें।
 

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पर्सड लिप योगाभ्यास हैं फायदेमंद - फोटो : social media
लिप ब्रीदिंग व्यायाम
शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने और वायुमार्ग को खुला रखने के लिए लिप ब्रीदिंग व्यायाम को सबसे बेहतर उपायों में से एक माना जाता है। इस व्यायाम को करने के लिए सबसे पहले आराम की स्थिति में बैठ जाएं। अब नाक के माध्यम से धीरे-धीरे सांस लें, इस दौरान मुंह बंद रहना चाहिए। साँस छोड़ने से पहले अपने होठों को सिकोड़ लें और फिर धीरे-धीरे फेफड़ों की सारी हवा बाहर निकाल दें।
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सांस लेने और छोड़ने वाले अभ्यास - फोटो : social media
गहरी सांस वाले अभ्यास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर के दौरान वायरस का फेफड़ों पर गंभीर असर देखने को मिला था। अगर आपके फेफड़े मजबूत हैं तो वायरस के गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है। फेफड़ों को मजबूत करने में गहरी सांस वाले व्यायाम काफी फायदेमंद हो सकते हैं। यह व्यायाम डायाफ्राम फ़ंक्शन को बेहतर बनाने के साथ सांस लेने की क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं।
कई नैदानिक अध्ययनों में विशेषज्ञों ने पाया है कि ऐसे व्यायाम सांस लेने में तकलीफ को कम करने के साथ इससे संबंधित अन्य जटिलताओं को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसनों के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 
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