डॉ. प्रकाश उप्रेती, डॉ. रुद्रेश नारायण और प्रो. अरुण भगत(बाएं से दाएं)
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महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी में शिक्षक प्रो. अरुण भगत करते हैं कि लॉकडाउन पीरियड में युवाओं, छात्रों को समय का सदुपयोग करना चाहिए और किताबें पढ़नी चाहिए। पाठ्यपुस्तकों के अलावा राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना से जुड़ी पुस्तकें पढ़नी चाहिए। भारत के महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों, दार्शनिकों, साहित्यकारों, चिंतक और विचारकों की जीवनी भी पढ़नी चाहिए। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी के शिक्षक डॉ. प्रकाश उप्रेती और दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के शिक्षक डॉ. रुद्रेश नारायण मिश्रा के मुताबिक किताबों को पढ़ने से ज्यादा उन्हें गुनना चाहिए और किताबों से मिली सीख हमें अपने जीवन में उतारनी चाहिए। पुस्तकें पढ़ने को हमें अपने नियमित कर्म और अभ्यास में शामिल करना चाहिए।