माना जाता है कि कलाप के लोग महाभारत के पांडवों और कौरव भाइयों के वंशज हैं। वास्तव में, कलाप में मुख्य मंदिर पांडव भाइयों में से एक कर्ण को समर्पित है।गांव के स्थानीय लोगों से बात करेंगे तो आपको महाभारत से जुड़े आकर्षक किस्से और सुनने को मिलेंगे। कर्ण महाराजा उत्सव नाम का एक त्यौहार भी इस क्षेत्र में मनाया जाता है। जनवरी में, आमतौर पर कलाप में पांडव नृत्य उत्सव देख सकते हैं और आप निश्चित रूप से अपनी यात्रा की योजना बनाने की सोच रहे होंगे।