फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Janmashtami 2021: कृष्ण जन्माष्टमी का इतिहास और महत्व, यहां आसान शब्दों में जानिए सबकुछ

Mon, 30 Aug 2021 12:33 AM IST
Abhilash Srivastava लाइफ स्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को पूरे देश में बड़े ही धूम-धाम के साथ कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म के सबसे खास त्योहारों में से एक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन लोग उपवास रखकर घर-परिवार की सुख और शांति के लिए प्रभु से प्रार्थना करते हैं। मथुरा में यह त्योहार और भी विशेष उत्सव के साथ मनाया जाता है, यह भगवान कृष्ण का जन्मस्थान है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने और भगवान की विशेष पूजा अर्चना करने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। संतान प्राप्ति,आयु और समृद्धि के लिए जन्माष्टमी पर्व का विशेष महत्व है। इस साल 30 अगस्त के दिन जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्य रात्रि के समय कारागार में हुआ था। आइए आगे की स्लाइडों में कृष्ण जन्माष्टमी के इतिहास और महत्व को आसान शब्दों में समझते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव (फाइल फोटो) - फोटो : amarujala
कृष्ण जन्माष्टमी का इतिहास
सदियों से भारत में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही श्रृद्धा भाव के साथ मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार भाई कंस के अत्याचार सहते हुए कारागार में बंद माता देवकी की  आठवीं संतान के रूप में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। भगवान ने पृथ्वी को कंस के आतंक से मुक्त कारने के लिए अवतार लिया था। इसी मान्यता के अनुसार हर साल भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। 
विज्ञापन

3 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार की खासियत - फोटो : Amar ujala
कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण को विष्णु का अवतार माना जाता है। यही कारण है कि यह पर्व विशेष महत्व रखता है। भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद और कृपा पाने के लिए इस दिन लोग उपवास रखने के साथ विधि-विधान से पूजा और भजन करते हैं। मंदिरों में विशेष सजावट करके भगवान की प्रक्टोत्सव को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। कुछ स्थानों में दही-हांडी का भी उत्सव रखा जाता है। मध्यरात्रि के समय भगवान के जन्मोत्सव के समय सभी लोग मंदिरों में एकत्रित होकर विशेष पूजा करते हैं। 
विज्ञापन

4 of 4
कृ्ष्ण जन्माष्टमी पर करं भगवान की विशेष पूजा - फोटो : अमर उजाला
कैसे करें भगवान को प्रसन्न
भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए सभी लोगों को श्रृद्धानुसार उपवास और विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए। घर में मौजूद भगवान की प्रतिमा को पीले रंग के वस्त्र पहना कर, धूप-दीप से वंदन करें। भगवान को पुष्प अर्पित करें, चंदन लगाएं। भगवान कृष्ण को दूध-दही, मक्खन विशेष पसंद हैं, ऐसे में इसका प्रसाद बनाएं और भगवान को अर्पित करें, सभी को वही प्रसाद दें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें