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चंद्रास्वामी: कई देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी थे इस तांत्रिक के भक्त, दिलचस्प है कहानी

Tue, 23 Mar 2021 03:12 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चंद्रास्वामी - फोटो : Facebook/HV Jain
चंद्रास्वामी एक तांत्रिक थे और भारतीय राजनीति के सबसे विवादास्पद किरदारों में से एक थे। 23 मई 2017 को 66 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी। एक समय में चंद्रास्वामी का कई देशों की सरकार के ताकतवर लोगों के साथ उठना-बैठना था और इसके लिए वह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मशहूर थे। कहते हैं कि वह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव के सबसे नजदीकी सलाहकारों में से एक थे। हालांकि उनपर राजीव गांधी की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का भी आरोप लगा था। यानी कुल मिलाकर वह जितने मशहूर थे, उतने ही विवादास्पद भी थे। विवादों से उनका पुराना नाता था और कहते हैं कि इस वजह से उन्हें एक मामले में जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। 
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चंद्रास्वामी - फोटो : Facebook/HV Jain
दरअसल, चंद्रास्वामी का असली नाम नेमिचंद जैन था। बचपन में ही वह अपने पिता के साथ रहने के लिए हैदराबाद चले गए थे। कहते हैं कि चंद्रास्वामी ने कोई शिक्षा हासिल नहीं की थी, बल्कि बचपन से ही उनकी दिलचस्पी तंत्र साधना में हो गई थी और 16 साल की उम्र में वे तांत्रिक भी कहलाने लगे थे। 
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पीवी नरसिम्हाराव (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook/Narendra Modi
90 के दशक में चंद्रास्वामी का नाम सुर्खियों में तब आया था, जब पीवी नरसिम्हाराव साल 1991 में देश के प्रधानमंत्री बने थे। उनका प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क था और कहते हैं कि उन्हें पीवी नरसिम्हाराव से मिलने के लिए कभी अप्वाइंटमेंट लेने की जरूरत नहीं पड़ी। 

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चंद्रास्वामी - फोटो : Facebook/HV Jain
लंबी बाल-दाढ़ी रखे, पीले वस्त्र और रुद्राक्ष की माला पहने चंद्रास्वामी का अलग ही प्रभाव था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसिद्ध इतिहासकार पैट्रिक फ्रेंच ने 'इंडिया- ए पोट्रेट' में लिखा है, 'चंद्रास्वामी कोई सभ्य आदमी तो नहीं थे, लेकिन उनमें दूसरों के दिमाग को जीतने का हुनर था।' 
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चंद्रास्वामी - फोटो : Facebook/Nayna Acharya Annapurna Bhojnalaya
कहते हैं कि चंद्रास्वामी न तो अंग्रेजी पढ़ पाते थे, न लिख पाते थे और न ही बोल पाते थे, लेकिन दुनिया के कई देशों के ताकतवर लोगों पर उनका खासा प्रभाव था, खासकर राजनेताओं पर। इसमें ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का नाम भी शामिल था। पूर्व विदेश मंत्री कुंवर नटवर सिंह ने अपनी पुस्तक 'वॉकिंग विद लायंस' में लिखा है कि चंद्रास्वामी ने मार्गरेट थैचर के ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी, जो बाद में सच भी साबित हुई थी। 
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मार्गरेट थैचर - फोटो : Facebook/I admire Margaret Thatcher
चंद्रास्वामी ने भविष्यवाणी की थी कि मार्गरेट थैचर 9, 11 या 13 साल के लिए ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनेंगी। उनकी यह बात सच साबित हुई और थैचर साल 1979 में प्रधानमंत्री बन गईं और साल 1990 तक 11 साल के लिए प्रधानमंत्री के पद पर रहीं। 
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चंद्रास्वामी - फोटो : Facebook/Âzeez Îndyâ
'वॉकिंग विद लायंस' में ही नटवर सिंह ने लिखा है कि 1979-80 में वह एक बार पेरिस में बीमार पड़ गए थे। उस  समय चंद्रास्वामी फ्रांसीसी राष्ट्रपति के निजी फिजिशयन के साथ उनसे मिलने आए थे। यह देखकर नटवर सिंह तो पहले से ही सकते थे, लेकिन उन्हें और भी हैरानी तब हुई जब चंद्रास्वामी ने उनसे कहा कि वे सीधे यूगोस्लाविया से फ्रांस के राष्ट्रपति से मिलने आए हैं। उन्होंने उन्हें लेने के लिए अपना निजी विमान भेजा था। 
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चंद्रास्वामी - फोटो : Facebook/Arun Pai
चंद्रास्वामी की पहुंच सिर्फ भारत, ब्रिटेन और फ्रांस तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि कहते हैं कि ब्रूनेई के सुल्तान, बहरीन के शासक, जायर के राष्ट्राध्यक्ष भी उनके भक्त हो गए थे। इसके अलावा कहते हैं कि हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिजाबेथ टेलर भी उनकी भक्त थीं। 
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