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World Red Cross Day: क्यों मनाया जाता है रेड क्रॉस दिवस, कोरोना महामारी काल में क्या है इसकी भूमिका

Fri, 08 May 2020 08:07 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस दिवस - फोटो : Pexels
मानवीय जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा के मिशन के साथ साल 1863 में स्थापित संगठन रेड क्रॉस अपने वॉलेंटियर वर्क यानी स्वयंसेवा के लिए जाना जाता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा में है। इस संस्था को साल 1917, 1944 और 1963 में नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है। इसकी स्थापना हेनरी ड्यूडेंट ने की थी, जिनका जन्म आठ मई को ही हुआ था। इसलिए हर साल आठ मई को रेड क्रॉस दिवस मनाया जाता है। यह संस्था युद्ध और शांति के समय दुनियाभर के देशों की सरकारों के बीच समन्वय का काम करती है। इसका मुख्य कार्य मानव सेवा है। 
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Health Service - फोटो : Pixabay
रेड क्रॉस सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य युद्ध या विपदा के समय होने वाली परेशानियों से राहत दिलाना है। युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की मदद करना और उनका इलाज करना इसके प्रमुख उद्देश्यों में रहा है, जबकि यह संस्था ब्लड बैंक से लेकर विभिन्न तरह की स्वास्थ्य और समाजसेवाओं में अपनी भूमिका निभा रही है। मानव सेवा को मूल कार्य मानने वाली यह संस्था महामारी जैसी आपदा में भी पीड़ितों की सहायता करती है। सफेद पट्टी पर लाल रंग का क्रॉस का चिह्न इस संस्था का निशान है, जिसका गलत इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है और यहां तक कि दोषी व्यक्ति की संपत्ति भी ज़ब्त की जा सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
  • भारत में इसकी स्थापना
दुनिया के लगभग 210 देश इस संस्था से जुड़े हुए हैं। भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना साल 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के अनुसार की गई। भारत में रेडक्रॉस सोसाइटी की 700 से भी अधिक शाखाएं हैं। रेड क्रॉस सोसाइटी के सिद्धांतों को मान्यता साल 1934 में 15वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मिली, जिसके बाद इसे दुनियाभर में लागू किया गया। 

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Blood Bank
  • साल 1948 में मनाया गया पहला रेड क्रॉस दिवस
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस सोसाइटी (IFRC) ने हर वर्ष इस दिवस को मनाए जाने की मांग की। जिसके बाद हर साल वर्ल्ड रेड क्रॉस डे मनाने की शुरुआत हुई। आठ मई 1948 को पहला वर्ल्ड रेड क्रॉस डे मनाया गया। साल 1984 में आधिकारिक रूप से इसका नाम वर्ल्ड रेड क्रॉस डे और रेड क्रेसेंट डे रखा गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
कोरोना महामारी काल में रेड क्रॉस की भूमिका
इस सोसाइटी का नारा है- अपने अन्दर के स्वयं सेवक को पहचानें। मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, सार्वभौमिकता और एकता जैसे सिद्धांतों पर कार्यरत इस संस्था की भूमिका कोरोना संकट के दौर में और भी जयादा महत्वपूर्ण हो गई है। 
  • हजारों तरह की राहत सामग्री के साथ क्वारंटीन सेंटर सेवा 
  • भोजन उपलब्ध कराना और लोगों को परिवार से मिलाना
  • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना
  • ब्लड बैंकों के जरिए खून की कमी दूर करना
  • इस सोसाइटी के लाखों स्वयंसेवी इस महामारी के दौर में समाजसेवा में लगे हैं। 
(रेड क्रॉस सोसाइटी की अधिकारिक वेबसाइट के दावों के मुताबिक)
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