आठ मई को हर साल वर्ल्ड थैलेसिमिया डे मनाया जाता है। इसके पीछे का उद्देश्य लोगों को रक्त संबंधित इस गंभीर बीमारी थैलेसीमिया के प्रति जागरुक करना है। थैलेसीमिया मुख्यत: एक जेनेटिक यानी अनुवांशिक बीमारी है जो माता-पिता से उनके बच्चों में होती है। इस बीमारी में बच्चों में खून की कमी होने लगती है, जो कि सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। विश्व थैलेसीमिया दिवस पर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती हैं। हालांकि कोरोना संकट के कारण दुनियाभर के कई देशों में लॉकडाउन चल रहा है और इस कारण बहुत सारी जगहों पर कार्यक्रम संभव नहीं हैं। लेकिन इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए आज हम आपकों बता रहे हैं कि थैलेसीमिया क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।