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World Mental Health Day: डिप्रेशन से बचने के लिए ये है 'सबसे कारगर दवा' वो भी फ्री, मन-शरीर दोनों रहेगा स्वस्थ

Tue, 10 Oct 2023 12:22 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गंभीर डिप्रेशन के लिए क्या किया जाना चाहिए? - फोटो : istock
वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य विकारों के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखना है तो आपके लिए जरूरी है कि मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, बिना मन को स्वस्थ रखे शरीर को स्वस्थ नहीं रखा जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े देखें तो पता चलता है, दुनिया की अनुमानित 3.8% आबादी अवसाद का शिकार है, इसमें 5% वयस्क (पुरुषों में 4% और महिलाओं में 6%) और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 5.7% लोग शामिल हैं। मसलन दुनिया में लगभग 280 मिलियन (28 करोड़) से अधिक लोग डिप्रेशन से पीड़ित हैं। 

वैश्विक स्तर पर बढ़ते मानसिक रोगों के बारे में लोगों को जागरूक करने और इससे बचाव को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डिप्रेशन गंभीर मानसिक स्वास्थ्य विकार है, इससे बचाव के लिए सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए। रनिंग करना आपके लिए सबसे कारगर तरीका हो सकता है जिससे न सिर्फ अवसाद में लाभ मिलता है साथ ही रोजाना रनिंग करके आप भविष्य में इसके खतरे को भी कम कर सकते हैं।

ये सबसे कारगर एंटीडिप्रेसेंट भी है, जिसके लिए आपको पैसे भी खर्च करने की जरूरत नहीं है।
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रनिंग करने से मानसिक स्वास्थ्य में लाभ - फोटो : pixabay
रनिंग की आदत डिप्रेशन से बचाएगी

डिप्रेशन से कैसे बचाव किया जा सकता है, इस बारे में किए गए एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया स्ट्रेस या डिप्रेशन से पीड़ित लोगों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार के लिए एंटीडिप्रेसेंट के उपयोग करने की तुलना में नियमित रूप से दौड़ना बेहतर विकल्प हो सकता है। एम्स्टर्डम स्थित व्रीजे विश्वविद्यालय के शोधकर्ता कहते हैं, रनिंग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने से न सिर्फ अवसाद रोगियों को लक्षणों में लाभ मिल सकता है साथ ही अगर आप इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं तो ये आपमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों को कम करने में भी ये सहायक है।
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मानसिक स्वास्थ्य विकारों का जोखिम - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?

यूरोपियन कॉलेज ऑफ न्यूरोसाइकोफार्माकोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, इस अध्ययन के लिए चिंता या अवसाद से पीड़ित 141 रोगियों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों को खुद से ही रनिंग थेरेपी या फिर अवसादरोधी दवाओं के बीच विकल्प को चुनने के लिए कहा गया। 141 रोगियों में से, 45 ने एंटीडिप्रेसेंट का विकल्प चुना, जबकि शेष 96 ने दौड़ना चुना। 16-सप्ताह के इस कार्यक्रम के चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। 

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रनिंग करने से होने वाले लाभ - फोटो : istock
रनिंग करने वाले लोगों में दिखे अधिक लाभ

दोनों समूहों के लगभग 44% प्रतिभागियों ने अवसाद और चिंता दोनों के लक्षणों में सुधार महसूस किया। हालांकि रनिंग वाले समूह के प्रतिभागियों ने डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार के साथ वजन, कमर की चर्बी, रक्तचाप और हृदय कार्यों में भी सुधार का अनुभव किया।

शोधकर्ता कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में इस तरह की शारीरिक समस्याओं  पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। इस आधार पर कहा जा सकता है कि जिस समूह ने रनिंग की उन्हें अधिक लाभ प्राप्त हुआ। 
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रोजाना रनिंग की बनाएं आदत - फोटो : iStock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

इस साल की शुरुआत में प्रकाशित गैलप सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका में करीब 30 फीसदी वयस्कों को अपने जीवनकाल में कभी न कभी अवसाद का सामना करना पड़ता है। डिप्रेशन का वैश्विक जोखिम बढ़ता जा रहा है, इसलिए जरूरी है कि हम उन उपायों को पालन में लाएं जिससे इस मनोरोग के खतरे को कम किया जा सके। रनिंग करना इसमें आपके लिए सबसे कारगर उपाय हो सकता है। भले ही आप मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, फिर भी रोजाना रनिंग की आदत बनाकर भविष्य में इसके खतरे को कम कर सकते हैं।



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स्रोत और संदर्भ
Running Parallels Antidepressants in Reducing Depression


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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