नींद की कमी और इसके दुष्प्रभाव
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नींद की कमी के दुष्प्रभाव
अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि नींद की कमी भी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। नींद की कमी मस्तिष्क के कुछ हिस्सों की गतिविधि बदल सकती है। यदि आप कम नींद लेते हैं, तो ये आपके निर्णय लेने, समस्याओं को सुलझाने, अपनी भावनाओं और व्यवहार को नियंत्रित करने की स्थिति में बदलाव का भी कारण बन सकती है। सभी लोगों के लिए रोजाना रात में कम से कम 6-8 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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