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World Kidney Day: शोध- किडनी के गंभीर रोग-इंजरी से बचा सकती है कॉफी, पर इस एक बात का जरूर रखें ध्यान

Thu, 14 Mar 2024 06:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी की बीमारियों के बारे में जानिए - फोटो : iStock
किडनी रोग, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक है। लगभग हर उम्र के व्यक्ति में किडनी की बीमारी का खतरा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गड़बड़ लाइफस्टाइल और आहार ने शरीर के अन्य अंगों की ही तरह से किडनी की सेहत पर भी नकारात्मक असर डाला है। अध्ययनों में बताया गया है कि किडनी की समस्याएं गंभीर और जानलेवा हो सकती हैं, इतना ही नहीं किडनी रोगियों में डिप्रेशन-स्ट्रेस जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के भी विकसित होने का खतरा देखा जाता रहा है, इसलिए जरूरी है कि कम उम्र से ही इस अंग के बेहतर देखभाल पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता रहे।

आज विश्व किडनी दिवस है, दुनियाभर में बढ़ती किडनी की बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मार्च माह के दूसरे गुरुवार को वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है। इस साल का किडनी डे थीम है-किडनी हेल्थ फॉर ऑल।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं किडनी को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए आहार को ठीक रखना सबसे आवश्यक है। कुछ अध्ययनों में कॉफी के सेवन को किडनी की बीमारियों के रोकने और किडनी इंजरी के खतरे को कम करने वाला बताया गया है।
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कॉफी से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : istock
कॉफी से किडनी की दूर होती है दिक्कतें?

इससे पहले के अध्ययनों में कॉफी के संयमित सेवन से लिवर को होने वाले फायदों के बारे में बताया गया है। इसी तरह के एक अन्य अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर आप संयमित मात्रा में कॉफी पीते हैं तो इससे किडनी को भी लाभ हो सकता है।

किडनी इंटरनेशनल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार कॉफी पीने से किडनी में होने वाली क्षति को रोका जा सकता है। ये क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के खतरे से बचाने और अक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) को भी कम करने में आपके लिए मददगार पेय हो सकती है।
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कॉफी से किडनी को होने वाले फायदे - फोटो : pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?

कॉफी वास्तव में किडनी के लिए कितनी फायदेमंद है इससे समझने के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने 45 से 64 वर्ष की आयु के 14,207 वयस्कों को शामिल किया। इनमें आहार की आदतों के साथ कॉफी के सेवन और इसके प्रभावों को जानने की कोशिश की गई। 24 साल तक किए गए इस अध्ययन में एकेआई के 1694 मामले सामने आए।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कुल कैलोरी, शारीरिक गतिविधि में कमी, धूम्रपान-शराब का सेवन और आहार की गुणवत्ता में कमी के कारण किडनी की बीमारियां बढ़ जाती हैं। हालांकि जिन प्रतिभागियों ने आहार और जीवनशैली में सुधार के साथ कॉफी का सेवन किया उनमें एकेआई जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम कम पाया गया है। 

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युवाओं में बढ़ती किडनी की समस्या - फोटो : iStock
क्या करती है कॉफी?

शोधकर्ताओंं ने बताया कॉफी में कैफीन नामक घटक पाया जाता है, जो मिथाइलक्सैन्थिन एल्कलॉइड और एडेनोसिन रिसेप्टर के तौर पर काम करता है। ये किडनी के कार्यों को बढ़ावा देने में सहायक है। इसके अलावा कैफीन, सोडियम के अधिक अवशोषण को भी रोकता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। 

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कॉफी तभी फायदेमंद है जब इसमें कुछ मिलाया न जाए और इसका सेवन संयमित मात्रा में किया जाए। प्रतिदिन तीन कप से कम कॉफी पीना आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। अधिकतम लाभ के लिए ब्लैक कॉफी का सेवन किया जाना चाहिए, इसमें चीनी या दूध मिलाने से इसकी पोषकता कम हो सकती है। 
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किडनी का रखें ख्याल - फोटो : Pixabay
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?

अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने बताया, हमने मध्यम आयु वर्ग के वयस्कों की एक बड़ी और विविध आबादी में कॉफी के सेवन और एकेआई के जोखिमों को जानने की कोशिश की। शोध से पता चलता है कि कॉफी कार्डियोरेनल स्वास्थ्य के लिए अच्छा पेय हो सकता है, पर अगर इसका सेवन दिन में तीन कप से कम रखें।

कुछ अध्ययनों में ज्यादा कॉफी पीने से हाई ब्लड प्रेशर को जोखिमों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है, जोकि किडनी के लिए समस्याकारक स्थिति मानी जाती है। कम मात्रा में इसके सेवन से किडनी-लिवर दोनों अंगों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।



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स्रोत और संदर्भ
Coffee Consumption May Mitigate the Risk for Acute Kidney Injury



अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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