फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Kidney Day: डॉक्टरों ने 60 साल के मरीज की किडनी से निकाले 418 स्टोन, क्यों बनने लगती है किडनी में पथरी?

Thu, 14 Mar 2024 11:35 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
किडनी में पथरी की समस्या - फोटो : iStock
किडनी की बढ़ती बीमारियां स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से हमारा लाइफस्टाइल और आहार समय के साथ खराब होता जा रहा है, इससे किडनी की सेहत पर भी कई प्रकार से नकारात्मक असर देखा जा रहा है। क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से लेकर किडनी फेलियर जैसी समस्याओं के लाखों मरीज भारत में हैं। ये बीमारी न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डालती है साथ ही अध्ययनों में सीकेडी के कारण बढ़ते डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य विकारों को लेकर भी अलर्ट किया जाता रहा है।

किडनी स्टोन, किडनी की सबसे आम समस्याओं में से एक है। एक अनुमान के मुताबिक देश की 10-12 फीसदी आबादी में ये बीमारी हो सकती है। एक हालिया रिपोर्ट में हैदराबाद में एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी के मूत्र रोग विशेषज्ञों ने एक चौंका देने वाली रिपोर्ट साझा की। विशेषज्ञों ने 60 वर्षीय एक मरीज की किडनी से 418 पथरी निकाली गई हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
किडनी में स्टोन बनने का खतरा - फोटो : iStock
20 वर्षीय महिला की किडनी में 300 से ज्यादा स्टोन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दो घंटे से अधिक समय तक चली इस सर्जरी में टीम ने मूत्र पथ के जटिल नेटवर्क के माध्यम से सावधानी पूर्वक सभी पथरी को निकालने में सफलता पाई है। डॉक्टरों ने कहा, एडवांस इमेजिंग तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से इस सर्जरी को करने में सफलता मिली है। 

इसी तरह के एक अन्य मामले में दिसंबर 2023 में ताइवान की एक 20 वर्षीय महिला की किडनी में 300 से ज्यादा स्टोन निकाले गए थे। बुखार और पीठ में तेज दर्द के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में किडनी में इतनी अधिक पथरी का पता चला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला ने सादे पानी की जगह बबल-टी का सेवन करती थी, जो पथरी बनने का एक बड़ा कारण हो सकता है।

आखिर किडनी में पथरी बनने के क्या कारण होते हैं, आइए समझते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
किडनी स्टोन की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Getty Images
किडनी स्टोन के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, आहार और दिनचर्या की कई गड़बड़ आदतों को किडनी स्टोन का कारण माना जा सकता है। गर्मियों में निर्जलीकरण के कारण गुर्दे में पथरी का बनना आम है। तरल पदार्थ का सेवन कम करने से मूत्र गाढ़ा हो जाता है और खनिज पदार्थ क्रिस्टलीकृत होकर पथरी बन जाते हैं। आहार में गड़बड़ी के अलावा शरीर का अधिक वजन, कुछ चिकित्सीय स्थितियां, और दवाओं का अधिक सेवन करने वालों में किडनी स्टोन बनने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।

4 of 5
किडनी रोगों का खतरा - फोटो : pixabay
कैसे बनती है किडनी में पथरी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, किडनी की पथरी बनने का अक्सर कोई निश्चित या एक कारण नहीं होता है। पथरी तब बनती है जब आपके मूत्र में क्रिस्टल बनाने वाले पदार्थ- जैसे कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड की मात्रा मूत्र में तरल पदार्थ की तुलना में अधिक हो जाते हैं। आमतौर पर किडनी ऐसे पदार्थों को फिल्टर करके पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर कर देती है पर अगर आप कम पानी पीते हैं या स्टोन कारक चीजों का सेवन अधिक करते हैं, तो ये क्रिस्टल एकत्रित होने लगते हैं जिससे किडनी में स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है। 

कुछ बातों का ध्यान रखकर किडनी स्टोन के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का करें सेवन - फोटो : istock
किडनी स्टोन से बचाव कैसे करें?

डॉक्टर कहते हैं, किडनी में पथरी बनने के खतरे को कम करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप भरपूर पानी पिएं। एक दिन में लगभग 2-4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा उन चीजों का सेवन कम करना चाहिए जिसमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है। चुकंदर, भिंडी, पालक, शकरकंद और कुछ सोया उत्पादों के सेवन से शरीर में ऑक्सालेट बढ़ सकती है। आहार में सोडियम और पशुओं पर आधारित प्रोटीन वाली चीजों की मात्रा भी कम रखकर किडनी स्टोन बनने के खतरे से बचा जा सकता है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें