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World Cancer Day: कैंसर को लेकर समाज में फैली हैं कई मिथ और गलत जानकारियां, जानिए क्या सच-क्या अफवाह?

Fri, 04 Feb 2022 12:07 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व कैंसर दिवस 2022 - फोटो : istock
कैंसर, सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है। हर साल तमाम तरह के कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। लोगों में इस गंभीर रोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 4 फरवरी को 'वर्ल्ड कैंसर डे' मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर निश्चित ही काफी घातक बीमारी है, पर अगर इसके बारे में लोगों को सही जानकारी हो तो स्थिति का समय से निदान किया जा सकता है। कैंसर की समय से पहचान हो जाने पर इलाज और इसके कारण होने वाली गंभीरता और मौत के खतरे को कम किया जा सकता है।

अन्य बीमारियों की ही तरह समाज में कैंसर को लेकर भी तमाम तरह के मिथ और अफवाह फैले हुए है, इसमें से कई मिथ को तो आप भी अब तक सच मानते आ रहे होंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के अफवाह, लोगों को भ्रमित कर सकते हैं, जिसके कारण कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ मिथ-अफवाहों के बारे में जानते हैं।
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कैंसर और मौत का खतरा - फोटो : Pixabay
मिथ- कैंसर को मतलब मौत निश्चित है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों के बीच कैंसर को लेकर फैली यह मिथ काफी गंभीर है। कैंसर हमेशा लाइलाज नहीं होता है। कैंसर के कारण होने वाली मौत का खतरा, रोग के प्रकार और स्टेज पर निर्भर करता है। कैंसर का पता लगाने और उपचार के क्षेत्र में तकनीकी प्रगति ने इस दिशा में काफी बेहतर काम किया है। प्रारंभिक पहचान और उपचार के साथ, अधिकांश रोगियों की जान बचाई जा सकती है। युवराज सिंह, संजय दत्त जैसे स्टार इसके उदाहरण हैं।
 
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कैंसर फैलने का खतरा - फोटो : Pixabay
मिथ: कैंसर संक्रामक है, यह रोगी से दूसरों को भी हो सकता है

लोगों के बीच कैंसर की संक्रामकता को लेकर भी काफी भ्रम की स्थिति है। अक्सर लोग कैंसर रोगियों से मिलने या उनके निकट संपर्क में आने से कतराते हैं। पर ध्यान देने वाली बात यह है कि कैंसर छूत की बीमारी नहीं है। एकमात्र स्थिति जिसमें कैंसर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, वह है अंग या ऊतकों का ट्रांसप्लांटेशन। हालांकि वर्तमान में अंग प्रत्यारोपण को लेकर नियम बहुत कड़े हैं, इसमें डोनर की अच्छे से जांच की जाती है इसलिए यह भी एक दुर्लभ है।

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स्तन कैंसर के जोखिमों को समझिए - फोटो : iStock
मिथ: स्तन में गांठ होने का मतलब स्तन कैंसर है।

नेशनल ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन के अनुसार, स्तन में गांठ होने का मतलब जरूर नहीं है कि यह कैंसर ही हो। फाइब्रोएडीनोमा जैसी कई अन्य स्थितियां भी स्तन में गांठ का कारण बन सकती हैं। लेकिन अगर आपको स्तन में गांठ या स्तन के ऊतकों में कोई बदलाव दिखाई देता है, तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेकर स्थिति का सही निदान और उपचार अवश्य करा लेना चाहिए।
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बाल झड़ने और कैंसर का संबंध - फोटो : iStock
मिथ: बाल झड़ रहे हैं तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है।

अक्सर कैंसर रोगियों की तस्वीरों में उन्हें आपने गंजा देखा होगा, इसी आधार पर लोगों ने मानना शुरू कर दिया है कि बाल झड़ना, कैंसर का संकेत हो सकता है। हालांकि, इसे डॉक्टर पूरी तरह से अफवाह ही मानते हैं। डॉक्टर बताते हैं, बाल झड़ने की समस्या केवल कुछ कीमोथेरेपी दवाओं से संबंधित होती है। कैंसर के उपचार के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले तरीकों के कारण बाल झड़ सकते हैं, लेकिन सिर्फ बाल झड़ने को  कैंसर का संकेत नहीं माना जा सकता है।
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माइक्रोवेब और कैंसर का खतरा - फोटो : iStock
मिथ: माइक्रोवेव में गर्म, खाना खाने से कैंसर होता है।

माइक्रोवेव और कैंसर के खतरे के बारे में आपने भी जरूर सुना होगा, पर विशेषज्ञ इसे मिथ मानते हैं। माइक्रोवेब, भोजन को गर्म करने के लिए माइक्रोवेब विकिरण का उपयोग करता है इससे कैंसर का खतरा नहीं होता है। इससे गर्म भोजन करने से कैंसर होने के जोखिम का कोई संबंध नहीं है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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