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चिंता: तो क्या डेल्टा वेरिएंट्स के खिलाफ वैक्सीन भी हैं बेअसर? जानिए क्यों उठ रहे हैं ऐसे सवाल

Tue, 22 Jun 2021 08:03 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वायरस से सुरक्षा देने में वैक्सीन कितने प्रभावी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के दुनियाभर में फैले संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ टीकाकरण को ही सबसे प्रभावी उपाय मान रहे हैं। हालांकि कोरोना वायरस में म्यूटेशन और सामने आ रहे नए स्ट्रेनों ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के बारे में वैज्ञानिकों ने बताया जो म्यूटेशन के साथ और प्रभावी होकर डेल्टा प्लस वेरिएंट का रूप ले चुका है। इससे लोगों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है? स्वास्थ्य संगठनों में यह लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच डब्ल्यूएचओ के महामारी विज्ञानी के हालिया बयान ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया, कोरोना के डेल्टा वेरिएंट्स पर कोविड वैक्सीन की प्रभाविकता बहुत ज्यादा नहीं देखी जा रही है। कोरोना का यह वेरिएंट हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि वैक्सीन इस वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं।
डब्ल्यूएचओ के महामारी विज्ञानी के इस बयान ने वायरस से लोगों में डर को और बढ़ा दिया है। ज्ञात हो कि भारत में दूसरी लहर के दौरान देखी गई तबाही के पीछे इसी वेरिएंट को मुख्य कारण माना जा रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट में म्यूटेशन के साथ अब यह डेल्टा प्लस में बदल गया है, जिसका असर और भी गंभीर हो सकता है।
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कोरोना वायरस के नए वेरिएंट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay
वैक्सीन को असर कम देखा गया
डब्ल्यूएचओ के महामारी विज्ञानी ने बताया, कुछ अध्ययनों में कोरोनावायरस के डेल्टा वेरिएंट्स पर वैक्सीन को थोड़ा कम प्रभावी पाया गया है, बावजूद इसके सभी लोगों के लिए टीकाकरण कराना बेहद आवश्यक है। टीकाकरण आपको संक्रमण के कारण होने वाली गंभीर बीमारी और मृत्यु के खतरे से जरूर बचा सकती है। डब्ल्यूएच के अधिकारी ने बताया कि वायरस में लगातार म्यूटेशन हो रहा है और इसके आगे भी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। इसके चलते वैक्सीन का असर कम हो सकता है।
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डेल्टा वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता - फोटो : social media
डेल्टा वेरिएंट्स चिंता का विषय
कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा वेरिएंट को हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' के रूप में सूचीबद्ध किया है। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक ब्रिटेन में इस वेरिएंट का गंभीर असर देखा जा रहा है, जहां एक बार फिर से रोजना 10 हजार से अधिक मामले आने लगे हैं। दुनिया के कई अन्य देशों में भी डेल्टा वायरस के कारण स्थिति बिगड़ने की खबरे हैं। 

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रूसी टीका स्पुतनिक वी ने जगाई उम्मीद - फोटो : सोशल मीडिया
स्पुतनिक वी ने जगाई उम्मीद
डब्ल्यूएचओ के महामारी विशेषज्ञ के बयान से बढ़ी चिंताओं के बीच स्पुतनिक-वी वैक्सीन निर्माताओं के दावे ने थोड़ी सुकून जरूर दी है। स्पुतनिक-वी विकसित करने वाली संस्था 'गैमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी' के प्रमुख अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने कहा है कि स्पुतनिक-वी वैक्सीन कोविड-19 के सभी ज्ञात वेरिएंट्स के खिलाफ प्रभावी है। इस वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज यूके वेरिएंट्स से लेकर डेल्टा तक, सभी में बेहतर सुरक्षा दे सकती हैं। 
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डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर रहें सावधान - फोटो : सोशल मीडिया
डेल्टा प्लस वेरिएंट हो सकता है और भी खतरनाक
मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में डिपार्टमेंट ऑफ बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर सुभ्रदीप कर्माकर ने बताया है कि कोरोना के अब तक के मिले वेरिएंट्स में डेल्टा प्लस वेरिएंट से लोगों को अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। यह नया वेरिएंट अधिक संक्रामक हो सकता है। भारत में फिलहाल डेल्टा प्लस वेरिएंट्स के मामले बहुत कम है। इसे अभी भी वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में वर्गीकृत किया गया है, वेरिएंट ऑफ कंसर्न नहीं। इससे बचाव के सभी उपायों को प्रयोग में लाकर सुरक्षित रहा जा सकता है।

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नोट:
यह लेख डब्ल्यूएचओ के महामारी विज्ञानी के हालिया बयान के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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