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Tea Good or Bad: एक महीने तक चाय न पीने से शरीर में क्या बदलाव होता है? जानिए चाय फायदेमंद है या नुकसानदायक

Wed, 18 Sep 2024 12:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चाय-कॉफी - फोटो : istock
हम में से ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत चाय के साथ होती है। चाय पीना फायदेमंद है या नुकसानदायक इसपर लंबे समय से बहस होती रही है। अध्ययनों में भी इसके मिले-जुले परिणाम देखे गए हैं। कुछ शोध बताते हैं दूध वाली चाय की जगह ब्लैक-टी पीने से कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं जबकि कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि चाय में कैफीन होने के कारण इसके नियमित या ज्यादा सेवन से कई साइड-इफेक्टस भी हो सकते हैं।

इस लेख में हम समझने की कोशिश करेंगे कि अगर 30 दिनों तक बिल्कुल भी चाय न पी जाए तो इससे शरीर में किस तरह का बदलाव हो सकता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो सीमित मात्रा में चाय पीना आमतौर पर ज्यादातर लोगों के लिए नुकसानदायक नहीं माना जाता है, लेकिन अगर आप इसका अधिक या दिन में चार-पांच बार चाय पीते हैं तो इससे कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। ज्यादातर समस्याएं चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन के कारण होती हैं। तो अगर चाय छोड़ दी जाए तो इससे क्या लाभ हो सकते हैं?
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चाय के फायदे और नुकसान - फोटो : Freepik.com
क्या कहती हैं आहार विशेषज्ञ?

एक महीने के लिए अगर चाय छोड़ दी जाए तो इससे शरीर पर क्या असर होता है, इस बारे में जानने के लिए हमने पुणे स्थित आहार विशेषज्ञ गरिमा जयसवाल से संपर्क किया। गरिमा कहती हैं, सीमित मात्रा में चाय पीने को नुकसानदायक तो नहीं कहा जा सकता है।वहीं अगर आप बिना दूध-चीनी वाली काली चाय जिसमें इम्युनिटी बढ़ाने वाले मसाले मिले हों, उसका सेवन करते हैं तो इसके कई लाभ भी हो सकते हैं। पर यदि आप रोजाना 4-5 बार दूध वाली चाय पी रहे हैं तो इससे कुछ दीर्घकालिक नुकसान का खतरा जरूर रहता है।

एक महीने तक चाय छोड़ने से शरीर में स्वस्थ परिवर्तन हो सकते हैं। 30 दिनों तक कैफीन का सेवन कम होने से अच्छी और बेहतर नींद आती है, चिंता कम होती है साथ ही पाचन स्वास्थ्य में भी सुधार देखा जा सकता है।
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नींद से संबंधित समस्याएं - फोटो : istock
सुधरने लगती है नींद की समस्या

चाय में प्राकृतिक रूप से कैफीन होता है, इसलिए इसका अधिक सेवन आपके नींद चक्र को बाधित कर सकता है। कुछ शोध बताते हैं कि कैफीन का अधिक सेवन मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को बाधित कर सकता है। ये हार्मोन मस्तिष्क को संकेत देता है कि सोने का समय हो गया है। नींद की कमी थकान, याददाश्त की कमी के अलावा मोटापे और ब्लड शुगर नियंत्रित न रहने जैसी दिक्कतें भी बढ़ा सकती है।

एक महीने तक चाय न पीने से मेलाटोनिन का स्तर सामान्य होता है और आप नींद की समस्याओं से बच सकते हैं।

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चाय-कॉफी की लत - फोटो : istock
छूटने लगती है कैफीन की लत

कैफीन, आदत बनाने वाला उत्तेजक है, यही कारण है कि चाय या कॉफी पीने की आपको बार-बार इच्छा होती है। समय पर चाय न मिलने से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, हृदय गति में वृद्धि और थकान जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।

एक महीने तक चाय-कॉफी जैसी कैफीन वाली चीजों से दूरी बना लेने से कैफीन की लत भी समय के साथ कम होने लग जाती है। ये शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए फायदेमंद है।
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पाचन स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : istock
पाचन की दिक्कतों में आराम

चाय की पत्तियों में मौजूद टैनिन की अधिकता पाचन के लिए दिक्कतें बढ़ाने लगती है यही कारण है कि कुछ लोगों को ज्यादा चाय पीने के कारण गैस बनने, मतली या पेट दर्द जैसे असुविधाजनक लक्षण हो सकते हैं। नियमित रूप से या रोजाना अधिक चाय के कारण आपको पाचन की गंभीर दिक्कतें भी हो सकती हैं। 
एक महीने तक चाय या कैफीन वाली चीजों से दूरी बनाने से पाचन की दिक्कतें ठीक होने लगती हैं, कब्ज-अपच का खतरा कम होता है। पाचन में सुधार के लिए भी ये फायदेमंद है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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